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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को AAP ने बताया युवाशक्ति की जीत, मोदी सरकार पर साधा निशाना

AAP Reaction : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे देश के छात्रों और युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है, उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह दूसरा मौका है, जब किसी बड़े जन आंदोलन के दबाव में मोदी सरकार को झुकना पड़ा है.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पिछले 12 साल में सिर्फ दो बार ऐसा वक्त आया, जब अहंकार में चूर मोदी सरकार को मजबूरी में झुकना पड़ा. पहला किसान आंदोलन था, जब एक साल बाद सरकार को झुकना पड़ा और दूसरा नौजवानों का यह आंदोलन है, जिसमें सरकार को झुकना पड़ा. इसके परिणामस्वरूप शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ और एनटीए के कई अधिकारियों को बर्खास्त किया गया, जो युवाओं की बहुत बड़ी जीत है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का रिकॉर्ड रहा है कि उसने हर आंदोलन को लाठियों से कुचलने का काम किया और सरकार किसी के आगे नहीं झुकी. लेकिन देश के करोड़ों युवाओं ने यह दिखा दिया कि जब युवा जागता है तो सरकार को कुंभकरण की नींद तोड़नी पड़ती है.

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की एक ही मांग थी

संजय सिंह ने कहा कि पिछले एक महीने से जंतर-मंतर समेत पूरे देश में इसके समर्थन में आंदोलन चल रहा था. सोनम वांगचुक ने अनशन किया, अभिजीत दीपके ने आंदोलन चलाया और करोड़ों युवाओं ने सड़कों पर उतरकर इसका समर्थन किया. युवाओं की एक ही मांग थी कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो और इससे कम में कोई समझौता नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि 12 साल में यह पहली बार है, जब किसी मंत्री का इस्तीफा हुआ है, जबकि इससे पहले किसान आंदोलन में गृह राज्य मंत्री के बेटे द्वारा पांच किसानों को कुचलने के बावजूद मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ था, उन्होंने युवाओं के संघर्ष को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी ताकत और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं. पेपर लीक से उठा सवाल अब रोजगार तक जाएगा और युवाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें काम मिले और उनके प्रति सरकार की जवाबदेही तय हो.

मनीष सिसोदिया ने छात्रों को दी बधाई

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने देश के छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने वह कर दिखाया, जिसकी कुछ दिनों पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों ने नरेंद्र मोदी के अहंकार को तोड़ दिया है.

मनीष सिसोदिया ने कहा कि चार दिन पहले तक दिल्ली पुलिस की लाठियों के दम पर युवाओं पर कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन आज उन्हीं नरेंद्र मोदी को अपने शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेना पड़ा. यह छात्रों और युवाओं की बहुत बड़ी जीत है, उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दिया नहीं है, बल्कि देश के बच्चों और छात्रों ने उनसे इस्तीफा लिया है. अगर एक जिम्मेदार प्रधानमंत्री नीट घोटाले और 22 छात्रों की आत्महत्या के बाद अपने शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेते तो बात अलग होती, लेकिन आज देश की जेन-जी ने एक अहंकारी प्रधानमंत्री को मजबूर किया है कि वह अपने शिक्षा मंत्री को हटाएं.

शिक्षा सुधार आंदोलन की शुरुआत

मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश को बड़े पैमाने पर शिक्षा क्रांति की जरूरत है. पेपर लीक माफिया से मुक्ति उसका पहला कदम था, जिसे युवाओं ने लाठियां खाकर और बारिश-उमस में आंदोलन करके जीता है. यह सिर्फ पहली जंग जीती गई है, इससे शिक्षा सुधार का नया आंदोलन जन्म लेगा, उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जब भारत में शिक्षा सुधार के बड़े काम होंगे और देश दुनिया से आगे निकल रहा होगा, तब इस आंदोलन को उसकी नींव के पत्थर के रूप में देखा जाएगा.

गोपाल राय ने कहा- लोकतंत्र और युवाओं की जीत

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा कि यह देश के छात्र-युवा आंदोलन की बहुत बड़ी जीत है. मोदी सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई थी. नीट पेपर लीक के बाद 22 छात्र-छात्राओं को अपनी जान गंवानी पड़ी और पिछले डेढ़ महीने से छात्र सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को 20 दिनों के अनशन के बाद हाउस अरेस्ट कर लिया गया था. 20 जुलाई को छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई और कई लोग घायल हुए, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनकी बात नहीं सुनी. जब यह आंदोलन देशव्यापी हो गया, तब मोदी सरकार को झुकना पड़ा, उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान, जंतर-मंतर और देश के युवाओं की जीत बताया.

जेन-जी ने सरकार का घमंड तोड़ा

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार को इस बात का बहुत घमंड था कि उनके यहां किसी के इस्तीफे नहीं होते. जिस घमंड को बड़ी-बड़ी विपक्षी पार्टियां नहीं तोड़ सकीं, उसे देश की जेन-जी और युवा पीढ़ी ने तोड़ दिया.

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के पीछे पूरी सरकार खड़ी थी, लेकिन अंततः उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. यह अपने आप में एक बड़ा संदेश है, उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को खत्म करने के लिए इसे नक्सलवाद, खालिस्तान, पाकिस्तान और चीन से जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार के सारे हथकंडे विफल रहे.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि युवाओं को भाजपा और कांग्रेस में से किसी का समर्थन नहीं मिला, बल्कि देश के 16, 18 और 25 वर्ष के युवाओं का समर्थन मिला और उन्हीं युवाओं ने यह कर दिखाया.

आतिशी ने कहा- युवाशक्ति की जीत हुई

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि देश की युवाशक्ति की जीत हुई है. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और जेन-जी के आगे मोदी जी के अहंकार को झुकना पड़ा, उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को सलाम किया.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने एक्स पर कहा कि आखिरकार देश के छात्रों की आवाज जीत गई. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. यह छात्रों के संघर्ष, एकजुटता और लोकतांत्रिक आवाज की जीत है. जब युवा एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं, तो सत्ता को भी जवाब देना पड़ता है.

झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’ और यह बात देश की जेन-जी ने साबित कर दिखाई है, उन्होंने कहा कि जिस तानाशाह को यह घमंड था कि उसे कोई झुका नहीं सकता, उसे युवाओं ने झुका दिया.

उन्होंने कहा कि आंदोलन को खत्म करने के लिए इसे नक्सलवाद, खालिस्तान, पाकिस्तान और चीन से जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार के सारे हथकंडे फेल हो गए. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सभी युवाओं, जेन-जी और देशवासियों की बहुत बड़ी जीत है. मोदी सरकार को सत्ता के घमंड में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि एक साधारण व्यक्ति भी उनकी सत्ता की नींव हिला सकता है.

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