Uttar Pradesh

स्कूल के नाम पर छप्पर और पिन्नी! 100 से ज्यादा बच्चे बदहाल हालात में, BSA ने पहुंचकर बंद कराया स्कूल

संभल के आनंदपुर गांव में शिक्षा विभाग की जांच के दौरान स्कूलों की बदहाल व्यवस्था सामने आई। खुले आसमान और छप्पर के नीचे पढ़ते बच्चे मिले। BSA अलका शर्मा की टीम ने अमान्य तरीके से चल रहे स्कूल को बंद कराया। कार्रवाई के दौरान शिक्षा अधिकारियों से विवाद का मामला भी सामने आया, जिस पर पुलिस को तहरीर दी गई है।

Sambhal News : संभल के बहजोई विकासखंड के आनंदपुर गांव में शिक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई जगहों पर बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था बेहद खराब मिली। टीम का नेतृत्व BSA अलका शर्मा ने किया।

जांच के दौरान एक जगह कक्षा 9 से 12 तक की छात्राएं खुले आसमान के नीचे पढ़ती मिलीं। BSA ने जब छात्राओं से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि वे कहीं और पढ़ती हैं, लेकिन कक्षाएं यहां लगाई जा रही हैं।

बैठने की जगह के पास से नाली का गंदा पानी

इसके बाद टीम पास में चल रहे दूसरे स्कूल पहुंची, जहां 100 से अधिक बच्चे छप्पर और पिन्नी के नीचे बैठे मिले। बच्चों के बैठने की जगह के पास से नाली का गंदा पानी बह रहा था। मौके पर स्कूल का नाम और पढ़ाई के लिए पक्के कमरे भी नहीं मिले।

अधिकारियों से बहस के दौरान विवाद बढ़ा

BSA अलका शर्मा के अनुसार, जांच के बाद अमान्य तरीके से चल रहे स्कूल को बंद करा दिया गया। कार्रवाई के दौरान इंद्र प्रकाश वाल्मीकि नाम के व्यक्ति और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। इस दौरान सामने आए वीडियो में इंद्र प्रकाश शिक्षा विभाग की कार्रवाई और ट्यूशन पढ़ाने पर रोक को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं अधिकारियों से बहस के दौरान विवाद बढ़ गया।

मामले में नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई

BSA अलका शर्मा ने बताया कि मौके पर उनके साथ अभद्रता की गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल की ओर से पुलिस को तहरीर दी जा चुकी है।

ये भी पढ़ें- Ammy Virk पर Canada में जानलेवा हमला, कार पर दागी गई 7 राउंड फायरिंग

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button