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ईरान-इजराइल जंग के बीच फंसे मंगलौर के 30 भारतीय छात्र, परिजनों ने भारत सरकार से मदद की अपील

Iran Israel war : अमेरिका-इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान में हालात पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गए हैं. तनाव कि वजह से उत्तराखंड के कई लोग वहां फंस गए हैं. खासकर हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र से इस्लामिक स्टडीज के लिए ईरान गए तीस छात्र हवाई सेवा बंद होने की वजह से वापस नहीं लौट पा रहे हैं. वहीं, परिजनों का कहना है कि बच्चों से संपर्क भी ठीक से नहीं हो पा रहा, जिससे उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है.

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलौर क्षेत्र से हर साल बड़ी संख्या में छात्र धार्मिक शिक्षा और इस्लामिक स्टडीज के लिए ईरान जाते हैं. इस वर्ष भी वहां करीब 30 छात्र अध्ययन कर रहे हैं. बताया गया है कि 28 फरवरी की दोपहर इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. इसके सात ही संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे वहां पढ़ रहे छात्रों और उनके परिजनों के बीच संपर्क टूट गया है.

22 छात्र इस समय ईरान में पढ़ाई कर रहे

मौलाना सिब्ते हसन ने बताया कि मंगलौर से 10, जैनपुर झंझेडी से 10 और टांडा भनेड़ा से 2 इस समय ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इनके अलावा कुछ अन्य छात्र और उनके परिजन भी वहां मौजूद हैं. वहीं, स्थानीय निवासी खलील अहमद ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाए जाने की जो खबरें सामने आ रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं. ऐसे हालात में परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंता में है.

तेहरान से सुरक्षित वापसी की उम्मीद

विकासनगर की ग्राम पंचायत अंबाड़ी निवासी अली हैदर और उनकी पत्नी नूरजहां इस समय ईरान में फंसे हुए हैं. दोनों कुम स्थित एक इस्लामिक विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं और पिछले चार वर्षों से वहीं रह रहे हैं.

परिजनों के मुताबिक, मंगलवार को आखिरी बार दोनों से संपर्क हो पाया था. परिवार को उम्मीद है कि हालात सामान्य होने पर भारतीय दूतावास, तेहरान की मदद से उनकी जल्द सुरक्षित वापसी कराई जाएगी.

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