Punjab News : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य में चलाया जा रहा ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है, उन्होंने नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक में अभियान की समीक्षा करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नशा बेचने वालों, सप्लायरों और तस्करों के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई और तेज करने को कहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई अब केवल पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, उन्होंने कहा कि लोगों की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण विलेज डिफेंस कमेटियों से मिलने वाले फीडबैक में 41 प्रतिशत की वृद्धि से मिलता है.
विलेज डिफेंस कमेटियों की भूमिका पर जोर
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यभर के उपायुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों और आईजीपी व डीआईजी अधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की. इस दौरान अभियान की प्रगति, विलेज डिफेंस कमेटियों की भूमिका, नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था की समीक्षा की गई.
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में इस समय 74,230 सक्रिय सदस्यों वाली 14,846 विलेज डिफेंस कमेटियां काम कर रही हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में भी 36,814 सदस्यों वाली 3,808 कमेटियां नशे के खिलाफ अभियान में अहम भूमिका निभा रही हैं.
4,129 एफआईआर दर्ज
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक विलेज डिफेंस कमेटियों से मिली शिकायतों के आधार पर 4,129 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 5,589 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.
उन्होंने बताया कि ‘सेफ पंजाब ऐप’ भी नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आई है. पिछले एक साल से अधिक समय में इस ऐप के जरिए मिली शिकायतों के आधार पर करीब 19,310 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 25,138 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.
हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नशे से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा, उन्होंने कहा कि अब अभियान के अंतिम चरण में जमीनी स्तर पर कार्रवाई को और मजबूत करने की जरूरत है, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नशे की सप्लाई चेन पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती और हर गांव को नशा मुक्त नहीं बनाया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा बेचने वालों और तस्करों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं है, उन्होंने सिविल और पुलिस प्रशासन को विलेज डिफेंस कमेटियों से मिलने वाली जानकारी पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
थाना स्तर पर बढ़ेगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह जल्द ही थाना प्रभारियों के साथ व्यक्तिगत बैठक करेंगे, ताकि थाना स्तर पर नशा विरोधी अभियान की समीक्षा की जा सके, उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी पुलिस प्रशासन और आम लोगों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनकी जवाबदेही और कार्यक्षमता को मजबूत किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को सिविल प्रशासन, पुलिस, विलेज डिफेंस कमेटियों और आम नागरिकों के बीच लगातार तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई गांवों, गलियों और मोहल्लों में जमीनी स्तर पर लड़ी जाएगी.
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह, हरभजन सिंह ईटीओ, गुरमीत सिंह खुड्डियां, हरदीप सिंह मुंडियां और बरिंदर गोयल समेत मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डीजीपी गौरव यादव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
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