Greenland Protest : ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच चल रहा विवाद गहराता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कह रहें हैं कि वे किसी भी हाल में ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं। ट्रंप के बर्ताव से कई यूरोपीय देश नाराज़ हैं, लेकिन ट्रंप पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।
सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की
ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे को लेकर अपनी बात दोहराई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI से बनी तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और रक्षा मंत्री मार्को रुबियो के साथ ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा लगाते हुए नजर आ रहे हैं। तस्वीर में ग्रीनलैंड अमेरिकी क्षेत्र स्थापना 2026 लिखा है।
इस तस्वीर को देखने के बाद अब डेनमार्क सहित यूरोप के कई देश परेशान हैं। तस्वीर में डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड की जमीन पर झंडा गाड़ते हुए दिखाई दिए। वहीं तस्वीर में ट्रंप के साथ जेडी वेन्स और मार्क रुबियो भी हैं।
नाटो में अपनी भूमिका का जिक्र
इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बात की और नाटो में अपनी भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर उनके प्रयास नहीं होते तो नाटो शायद अस्तित्व में ही नहीं रहता। ट्रंप ने कहा कि, मैंने नाटो को 2% की जगह 5%योगदान देने के लिए राजी किया।
ट्रंप ने दावा करते हुए कहा कि मैंने किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति से कहीं अधिक काम किया। मेरी अगुवाई में अमेरिकी सेना का पुनर्निर्माण तेजी से हो रहा है और अमेरिका ही एकमात्र ऐसा देश है जो पूरी दुनिया में शांति बनाए रख सकता है।
फ्रांस के राष्ट्रपति को दी धमकी
इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को धमकी देते हुए कहा कि अगर वे बोर्ड ऑफ पीस में शामिल नहीं होते हैं तो अमेरिकी वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैक्रों बहुत जल्द अपने पद से बाहर होने वाले हैं। ट्रंप के अनुसार, मैक्रों ने उन्हें निजी संदेश में समर्थन व्यक्त किया, लेकिन ग्रीनलैंड में उनके कदम को समझ नहीं पा रहे थे।
ग्रीनलैंड के पिटुफिक पर विमान तैनात
ग्रीनलैंड विवाद के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। अमेरिका ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) का एक विमान तैनात करने जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर कब्जे की बातों के चलते पहले से ही तनाव बना हुआ है। NORAD ने कहा है कि यह विमान पहले से तय की गई गतिविधियों को पूरा करने के लिए बेस पर भेजा जा रहा है।
साथ ही यह भी कहा गया है कि यह कदम डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ तालमेल में उठाया गया है। NORAD उत्तरी अमेरिका की हवाई और अंतरिक्ष सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है, जिसमें अलास्का, कनाडा और मुख्य भूमि अमेरिका शामिल हैं।
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