Swami Avimukteshwaranand Saraswati : यूपी के प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोकने का मामला गहराता जा रहा है। वहीं देर रात प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से 24 घंटे में जवाब मांगा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज में रथ रोकने के विरोध में धरने पर बैठे हैं। मेला प्राधिकरण ने उन्हें 24 घंटे में यह साबित करने को कहा है कि वे ही असली शंकराचार्य हैं।
शंकराचार्य कैसे प्रचारित कर रहे
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मेला प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि वह खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य कैसे प्रचारित कर रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट में इस विषय पर एक सिविल अपील विचाराधीन है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि जब तक अपील निस्तारित नहीं हो जाती, तब तक कोई भी धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेकित नहीं हो सकता।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
नोटिस में यह भी कहा गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले में अपने शिविर में लगे बोर्ड पर खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य घोषित किया है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। उन्हें 24 घंटे के अंदर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वह कैसे खुद को शंकराचार्य के रूप में प्रचारित कर रहे हैं।
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