
Punjab News : शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखने के लिए निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री एवं आनंदपुर साहिब से विधायक हरजोत सिंह बैंस ने आज पंजाब के मुख्य सचिव को 180 एकड़ सरकारी जमीन पर संचालित दसमेश अकादमी, आनंदपुर साहिब संबंधी आईं गंभीर शिकायतों की जांच और विशेष ऑडिट करवाने के आदेश दिए हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दसमेश अकादमी में वित्तीय अनियमितताओं, प्रबंधन में गड़बड़ियों और बुनियादी ढांचे से संबंधित कमियों के आरोपों की गहन जांच के लिए कहा है।
आपराधिक लापरवाही और फंड गबन की जांच होगी
शिक्षा मंत्री ने ये निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ओ.), रूपनगर द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के बाद सामने आईं महत्वपूर्ण कमियों के बाद जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ट्रस्ट के फंडों में कथित गबन, संस्था की संपत्ति के दुरुपयोग और बुनियादी ढांचे से संबंधित कमियों का कारण बनने वाली आपराधिक लापरवाही की जांच की जाएगी।
प्रिंसिपल की कथित फर्जी पीएच.डी. डिग्री की जांच के निर्देश
हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब पुलिस को अकादमी के प्रिंसिपल की कथित जाली पीएच.डी. डिग्री की जांच करने और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ को रोकने के लिए सभी संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में लेकर सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्य सचिव से 30 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट की मांग
शिक्षा मंत्री ने जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आदेश देते हुए 30 दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जांच के नतीजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जो ट्रस्ट के एक्स-ऑफिशो चेयरमैन हैं, के समक्ष उचित कार्रवाई के लिए पेश किए जाएंगे।
हरजोत बैंस ने स्पष्ट रूप से कहा, ‘हमारे शैक्षणिक संस्थानों की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हम इस मामले की तह तक जाएंगे और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हम सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों को विद्यार्थियों की भलाई और सार्वजनिक संसाधनों की कीमत पर निजी जागीर के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देंगे।’
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