Punjab News : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस पर अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर माथा टेककर उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इसका उद्देश्य धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार करना है.
बताते हुए कहा कि उनकी रचना रामायण सदियों से सत्य, न्याय, करुणा, नैतिकता और धर्म का संदेश देती आई है, उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षाएं किसी एक समुदाय या समय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से समानता, सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी नहीं उग सकता. मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन संबंधित धर्मों की परंपराओं से जुड़े लोगों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए.
मंदिर और श्रद्धालु सुविधाओं पर खर्च होगी राशि
सरकार की योजना के तहत मुख्य मंदिर की इमारत की मरम्मत और रंग-रोगन, प्रवेश मार्ग के खंभों की मरम्मत, पत्थरों का संरक्षण तथा पवित्र सरोवर की सफाई और गाद निकालने जैसे कार्य किए जाएंगे. संगत हॉल, लंगर हॉल, सराय और पैनोरमा हॉल में भी मरम्मत और सौंदर्यीकरण किया जाना है.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सराय में फर्नीचर, एयर कंडीशनर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने, शौचालयों की मरम्मत, गीजर और नए एसी लगाने तथा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे कार्य भी विकास योजना में शामिल हैं. इन कार्यों में सीवेज और आवासीय सुविधाओं से जुड़े कुछ कामों के लिए 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है.
वाल्मीकि जी की विरासत का सम्मान
भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला पैनोरमा वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था. परिसर में रात के समय सुंदरता बढ़ाने के लिए फसाड लाइटिंग भी लगाई गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ स्थल का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है, उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कार्य आगे भी जारी रहेंगे और विकास के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी.
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को अमृतसर के भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है, उन्होंने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब लोग उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएंगे और ऐसा समाज बनाएंगे, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो तथा हर व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर मिलें.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को प्रगट दिवस की बधाई दी और पंजाब में शांति, सांप्रदायिक सद्भाव तथा आपसी भाईचारे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
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