
Bihar News : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधन के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर टिप्पणी की। यह बयान उस समय आया, जब भीड़ में मौजूद एक युवक ने उनकी बात के बीच में कहा कि “मोदी नहीं जाएगा।” इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” घटना का वीडियो भी सामने आया है।
कार्यक्रम के दौरान चुनाव प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेकर भी खरगे ने कई आरोप लगाए। उनके बयानों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
युवक की टिप्पणी के बाद खरगे ने दिया जवाब
पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, तभी भीड़ में से एक युवक ने कहा कि “मोदी नहीं जाएगा।” इस पर खरगे ने नाराजगी जताते हुए जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने की आदत होने का आरोप भी लगाया।
इस घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई। सामने आए वीडियो में युवक को धक्का देकर हॉल से बाहर ले जाते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवक के साथ मारपीट भी की। घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
RSS और BJP की विचारधारा पर खरगे ने उठाए सवाल
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर संबोधन के दौरान खरगे ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह ने जमींदारी प्रथा को समाप्त करने की दिशा में काम किया और छुआछूत के खिलाफ अभियान चलाया।
खरगे ने RSS और BJP पर सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में शांति कायम करने के लिए RSS की विचारधारा का विरोध जरूरी है। उन्होंने बिहार में समाज सुधारकों की विचारधारा के प्रचार-प्रसार को लेकर भी सवाल उठाए।
खरगे ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा के साथ राजनीति में आए नीतीश कुमार अब RSS के साथ खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेताओं महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक संघर्ष की बात कही।
उत्तराखंड में मंच के शुद्धिकरण का भी किया जिक्र
अपने भाषण में खरगे ने उत्तराखंड में एक मंच के शुद्धिकरण से जुड़ी घटना का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के कई दशक बाद भी इस तरह की घटनाएं सामाजिक भेदभाव को दर्शाती हैं।
खरगे ने ब्रिटिश शासन के दौरान कांग्रेस के संघर्ष का हवाला देते हुए BJP और RSS से सवाल किया कि वे स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका को लेकर क्या जवाब देंगे। ये टिप्पणियां खरगे के भाषण का हिस्सा थीं।
महिला आरक्षण और SIR को लेकर सरकार पर निशाना
खरगे ने अपने संबोधन में महिला आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण की मांग की थी, लेकिन सरकार अब नए कानून की बात कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने में पहले से क्या बाधा है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर खरगे ने आरोप लगाया कि इसके माध्यम से विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने और चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग की।
खरगे ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति, चुनाव आयुक्तों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
EVM और चुनाव आयोग को लेकर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने EVM को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने चुनाव आयोग के सदस्यों की ओर से कथित तौर पर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया।
खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की नियुक्ति और कामकाज को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल, बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र की सरकारों को लेकर भी चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए। ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में लगाए हैं।
इंडिया गठबंधन की एकजुटता और चुनावों को लेकर रखीं मांगें
खरगे ने इंडिया गठबंधन के नेताओं और घटक दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दल कई मुद्दों पर साथ हैं। उन्होंने SIR की प्रक्रिया रोकने, सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को निरस्त करने की मांग उठाई। उन्होंने संबंधित सरकारों को बर्खास्त करने की मांग भी की।
खरगे ने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि वह अपने काम के सिलसिले में विभिन्न स्थानों पर जाते हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं पर संसद की कार्यवाही में भागीदारी को लेकर भी टिप्पणी की।
‘85 साल का हूं, अब क्यों डरूं’, खरगे ने कही यह बात
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में खरगे ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचे हैं और कई चुनावों में जीत हासिल की है। उन्होंने अपने बेटे को मिल रही कथित धमकियों का भी उल्लेख किया।
खरगे ने अपने बचपन की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जब वह छह साल के थे, तब उनके घर में आग लगने से परिवार के कई लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि 85 वर्ष की उम्र में अब उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने समर्थकों से भी निर्भीक रहने की अपील की।
पटना में हुए इस कार्यक्रम के बाद खरगे की प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी और चुनाव आयोग, EVM तथा SIR को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।
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