Opposition Protest Parliament : कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार पर काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन NEET पेपर में कथित धांधली, छात्रों के आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार के रवैये के विरोध में किया गया.
विपक्षी दलों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के साथ ही जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ताओं और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की.
युवाओं और छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन का उद्देश्य युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है. पार्टी सांसदों ने एकजुट होकर अपनी रणनीति के तहत विरोध प्रदर्शन किया. काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचीं प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा कि उनकी विचारधारा हिंसा का समर्थन नहीं करती और वे हिंसा के खिलाफ हैं.
सरकार से छात्रों से संवाद की मांग
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि सभी विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों और सांसदों के खिलाफ पुलिस के इस्तेमाल के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं, उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़कर छात्रों से बातचीत करे और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए.
प्रमोद तिवारी ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर कड़ी नाराजगी जताई, उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नेम टैग वाले लोगों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया, उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष इस घटना पर चुप रह सकते हैं. इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग की ओर मार्च निकाला था. इस दौरान परीक्षा पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई.
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था. बाद में उन्हें छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया.
प्रियंका गांधी ने सरकार को बताया कायर
हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए उसे “कायर” करार दिया, उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष से डरी हुई है और वे किसी से डरने वाले नहीं हैं. बाद में प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी उनसे मिलने पहुंचीं. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन भी शामिल रहे.
यह पूरा घटनाक्रम सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले भी दागे गए थे, जिसके बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है.
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