Uttar Pradesh

UP की ‘एक जिला, एक व्यंजन’ पहल को बड़ा ग्लोबल मंच, वॉलमार्ट समेत 3 संस्थाओं से MOU

One District One Dish : उत्तर प्रदेश की ‘एक जिला, एक व्यंजन’ पहल को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में नया विस्तार मिला है। UPITS-2026 में ODOC ने Walmart Vriddhi, Indian Institute of Packaging और Birla Aircon के साथ MOU किए। CFTRI और FSSAI भी साझेदार बने। इससे प्रदेश के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बाजार, बेहतर पैकेजिंग, तकनीकी सहयोग और खाद्य सुरक्षा के अवसर मिलेंगे।

One District One Dish : उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक-पाक परंपरा, स्थानीय स्वाद और सदियों पुरानी खानपान की विरासत को आर्थिक अवसरों और वैश्विक बाजार से जोड़ने की योगी सरकार की संकल्पना अब नए विस्तार की ओर बढ़ रही है। ‘एक जिला, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पहल ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में न केवल प्रदेश के 75 जिलों की विशिष्ट पाक पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि बड़े कारोबारी संस्थानों और प्रतिष्ठित तकनीकी एवं नियामक संस्थाओं के साथ साझेदारी का नया अध्याय भी जोड़ा।

यूपीआईटीएस-2026 के दौरान ओडीओसी ने वॉलमार्ट वृद्धि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग और बिडला एयरकॉन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए। इसके साथ ही सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएफटीआरआई) और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने भी ओडीओसी पहल के साझेदार के रूप में सहभागिता की। इन साझेदारियों ने प्रदेश के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बाजार, पैकेजिंग, तकनीकी सहयोग और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयामों से जोड़ने की संभावनाओं को विस्तार दिया है।

स्थानीय स्वाद से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की पहल

योगी सरकार का ओडीओसी विजन प्रदेश के स्थानीय व्यंजनों और खाद्य उत्पादों को केवल सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ब्रांड, बाजार और व्यवसाय की संभावनाओं से जोड़ते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने पर केंद्रित है। यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय कारोबारी मंच पर ओडीओसी की व्यापक उपस्थिति इसी सोच को मूर्त रूप देती नजर आई।

ओडीओसी पवेलियन में उत्तर प्रदेश की विविध पाक-संस्कृति को क्षेत्रीय विशेषताओं के साथ प्रस्तुत किया गया। ‘ब्रज की मिठास’, ‘अवध का जायका’, ‘रुहेली रसधार’, ‘बुंदेली बहार’, ‘पश्चिमी परिमल’ और ‘पुरबिया स्वाद’ जैसे क्षेत्रीय खंडों के माध्यम से प्रदेश की विविधता, स्वाद और परंपरा को एक ही मंच पर साकार किया गया।

₹66.49 करोड़ की बी2सी-बी2बी गतिविधियां

यूपीआईटीएस-2026 में ओडीओसी के हॉल नंबर-16 में 25 से 29 सितंबर तक दर्ज संचयी आंकड़े इसकी कारोबारी संभावनाओं की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। 29 सितंबर तक यहां कुल ₹66.49 करोड़ से अधिक की बी2सी और बी2बी गतिविधियां दर्ज हुईं। इनमें ₹6.76 करोड़ की बी2सी राशि तथा ₹59.73 करोड़ की बी2बी राशि शामिल है। इस दौरान कुल 2,223 बी2बी पूछताछ दर्ज की गईं।

दैनिक आंकड़ों में भी ओडीओसी के प्रति कारोबारी रुचि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। 25 सितंबर को ₹1.19 करोड़, 26 सितंबर को ₹9.58 करोड़, 27 सितंबर को ₹25.69 करोड़, 28 सितंबर को ₹21.30 करोड़ और 29 सितंबर को ₹8.72 करोड़ की बी2सी एवं बी2बी गतिविधियां दर्ज की गईं।

पैकेजिंग से खाद्य सुरक्षा तक, पूरी मूल्य श्रृंखला पर जोर

ओडीओसी के साथ हुए एमओयू इस पहल को केवल उत्पाद प्रदर्शन और बिक्री से आगे ले जाकर उसकी पूरी मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ साझेदारी से स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के अवसर मिलेंगे।

वहीं, सीएफटीआरआई जैसी तकनीकी संस्था की सहभागिता से खाद्य उत्पादों से जुड़े तकनीकी पहलुओं को मजबूती मिलती है। एफएसएसएआई की भागीदारी खाद्य सुरक्षा और मानकों के महत्व को रेखांकित करती है। दूसरी ओर, वॉलमार्ट वृद्धि जैसे बड़े कारोबारी मंच के साथ एमओयू स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और बड़े खरीद नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। बिडला एयरकॉन के साथ साझेदारी भी ओडीओसी के संस्थागत सहयोग के विस्तार को दर्शाती है।

75 जिलों की पहचान, हजारों स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर

ओडीओसी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की स्थानीय पाक विरासत को उसकी भौगोलिक पहचान के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका व्यापक उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों और खाद्य उत्पादों को गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और संस्थागत सहयोग से जोड़कर उन्हें बड़े बाजार के लिए तैयार करना है।

यूपीआईटीएस-2026 में ओडीओसी की भागीदारी ने इस अवधारणा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर नई दृश्यता प्रदान की। बी2बी पूछताछ का बड़ा आंकड़ा इस बात का संकेत है कि प्रदेश के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को लेकर कारोबारी संवाद और बाजार संपर्क का दायरा विस्तृत हुआ है। 29 सितंबर तक दर्ज 2,223 बी2बी पूछताछ और ₹66.49 करोड़ की संचयी बी2सी-बी2बी गतिविधियां इसी बढ़ते कारोबारी जुड़ाव को दर्शाती हैं।

विरासत को अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में सार्थक पहल

उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी विविध संस्कृति, परंपराओं, हस्तशिल्प और खानपान की समृद्ध विरासत से रही है। योगी सरकार की ओडीओसी पहल इसी विरासत को आत्मनिर्भर स्थानीय अर्थव्यवस्था, उद्यमिता और बाजार विस्तार से जोड़ने का प्रयास है। यूपीआईटीएस-2026 में हुए एमओयू और संस्थागत साझेदारियों से इस पहल को तकनीकी, गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार संपर्क के नए आयाम मिले हैं।

ओडीओसी के जरिए उत्तर प्रदेश का स्थानीय स्वाद अब केवल जिलों की पहचान भर नहीं, बल्कि कारोबार, ब्रांड और वैश्विक बाजार की संभावनाओं के रूप में भी अपनी नई पहचान गढ़ रहा है।

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