
Iranian Crisis : जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने ईरान में फंसे करीब 2000 कश्मीरी छात्रों की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से अपील की है कि वे भारतीय छात्रों और अन्य नागरिकों की तत्काल निकासी की व्यवस्था करें। एसोसिएशन का कहना है कि ईरान में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण कश्मीर में भय और चिंता फैल गई है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं।
दूतावास द्वारा जारी सलाह और छात्रों की स्थिति
तेहरान में भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी 2026 को एक सलाह जारी की, जिसमें सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने के लिए कहा गया था। हालांकि, दूतावास ने छात्रों को स्व-व्यवस्थित तरीके से देश छोड़ने की सलाह दी है, जो न तो सुरक्षित है और न ही व्यावहारिक। जेकेएसए का मानना है कि अस्थिर और अशांत वातावरण में छात्रों से खुद निकासी करने की उम्मीद करना एक जोखिमपूर्ण कदम है।
अभिभावकों की चिंता और सरकार से अपील
ईरान में रहने वाले भारतीय छात्रों के परिवारों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। कई अभिभावकों ने बताया कि इंटरनेट और संचार सेवाओं में रुकावटों के कारण वे अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, परिवारों में गहरी चिंता और निराशा बढ़ गई है। एक अभिभावक सैयद मुजामिल कादरी ने कहा कि वे विदेश मंत्री की क्षमता पर भरोसा रखते हुए सरकार से अपने बच्चों की सुरक्षित निकासी की मांग करते हैं।
महबूबा मुफ्ती की सरकार से अपील
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह समय है जब भारत सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए छात्रों की सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।
एसोसिएशन की त्वरित कार्रवाई की मांग
जेकेएसए ने भारत सरकार से एक स्पष्ट निकासी ढांचा बनाने, आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित करने और सुरक्षित पारगमन मार्ग की व्यवस्था करने की अपील की है, ताकि भारतीय छात्र सुरक्षित, सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से अपने घर लौट सकें। एसोसिएशन का कहना है कि यह निकासी प्रक्रिया जितनी जल्दी होगी, उतना ही छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।
छात्रों और परिवारों का समर्थन
अंत में, एसोसिएशन और अभिभावकों ने सरकार से अपील की है कि वे ईरान सरकार से संपर्क करें और भारतीय छात्रों की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था करें। छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि वे इस संकट से सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें।
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