Rajnath Singh : केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नागपुर में कहा कि हमें डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा क्योंकि हमारे पड़ोसी, खासकर पाकिस्तान और चीन, (Unpredictable) जरा सिरफिरे हैं। उनका कहना था कि कभी भी हथियारों की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए हम अपने प्लेटफार्म और सब सिस्टम स्वदेशी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका 50% तक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ी है, और डोमेस्टिक डिफेंस प्रोडक्शन 46,000 करोड़ से बढ़कर 1.5 लाख करोड़ हो गया है। इसके अलावा, डिफेंस एक्सपोर्ट भी बढ़कर 25,000 करोड़ से ज्यादा हो गया है, और 2030 तक इसे 50,000 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
हमें पूरी तरह रहना होगा तैयार
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को हथियारों के उत्पादन का ग्लोबल हब बनाना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्धों के स्वरूप और उनकी इंटेंसिटी तेजी से बदल रही है, और डिफेंस के स्तर पर हमें पूरी तरह से तैयार रहना होगा। उन्होंने नागास्त्र के उन्नत वर्जन के बारे में भी जानकारी दी, जो भविष्य में शत्रुओं के लिए घातक साबित हो सकता है।
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