Partition Horrors Remembrance Day : भारत हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाता है. इस दिन 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान मारे गए और अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए लोगों को याद किया जाता है. 15 अगस्त को देश आजादी का जश्न मनाता है, लेकिन इसके साथ ही विभाजन की दर्दनाक घटना भी हुई थी. लाखों परिवार उजड़ गए, लोग मारे गए और इस त्रासदी के घाव पीढ़ियों तक रहे.
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि दी, उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह दिन देश के इतिहास के सबसे दुखद अध्याय की याद दिलाता है. अनगिनत जिंदगियां टूट गईं, परिवार उजड़ गए, अपने लोग खो गए और लोगों को बहुत ज्यादा कष्ट सहना पड़ा.
PM मोदी ने याद किया लोगों का साहस
प्रधानमंत्री मोदी ने उन लोगों के साहस को याद किया जो इस मुश्किल दौर में फंस गए थे, उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मुश्किलों के बावजूद बहुत से लोग फिर से अपनी जिंदगी संवार सके और देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया. उनके जीवन से हमें इंसान की मजबूती का सबक मिलता है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस दिन हमें देश में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए. साथ मिलकर विकसित भारत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए.
जयशंकर ने भी विभाजन की त्रासदी को किया याद
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि विभाजन से बहुत बड़ा मानवीय दुख हुआ और इसके दूरगामी राजनीतिक नतीजे भी निकले, उन्होंने उन लोगों के साहस और मजबूती को सलाम किया, जिन्होंने मुश्किलों के बावजूद अपनी जिंदगी दोबारा बनाई.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक दौर से हमें सबक लेना चाहिए.
1947 में हुआ था भारत-पाकिस्तान का विभाजन
1947 में ब्रिटिश भारत का बंटवारा भारत और पाकिस्तान में हुआ था. इससे करीब 2 करोड़ लोग बेघर हो गए. इसे दुनिया के सबसे बड़े आबादी पलायनों में से एक माना जाता है. लोग अपने घर-बार छोड़कर अनजान जगहों पर नए सिरे से बसने को मजबूर हुए. इसके साथ हुई हिंसा ने कई परिवारों पर लंबे समय तक असर छोड़ा.
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