
Patanjali Cow Ghee : दुनियाभर में अपने योग के लिए पहचाने जाने वाले योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि पर बड़ा आरोप लगा है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर प्रोडक्ट के निर्माता और वितरक पर कुल 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने अपनी सफाई पेश करते हुए कोर्ट के इस आदेश को त्रुटिपूर्ण बताया है।
गाय का घटिया घी बेचने का आरोप
दरअसल, बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि पर आरोप है कि कंपनी गाय का बहुत ही घटिया घी बेच रही है। इसकी पुष्टि के लिए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पतंजलि घी का सैंपल भी भेजा गया था, जो कि फेल हो गया। लैब में घी के सैंपल फेल होने के बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने क्रमशः 1.25 लाख और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त का बयान
पिथौरागढ़ के सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त आरके शर्मा ने बताया कि अक्टूबर 2020 में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के गाय के घी के सैंपल फेल पाए जाने के मामले में अदालत ने 19 नवंबर को फैसला सुनाया। सैंपल रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में भेजे गए थे और फेल पाए गए थे। इसके बाद व्यापारियों ने केंद्र सरकार की प्रयोगशाला से दोबारा टेस्ट कराने का अनुरोध किया, जिसमें भी सैंपल फेल रहे।
सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप कुमार जैन को 17 फरवरी 2022 को मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जिसका हाल ही में फैसला आया।
पतंजलि ने दिया तर्क
पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले पर स्पष्टीकरण दिया। कंपनी ने कहा कि अदालत का आदेश त्रुटिपूर्ण और विधि-विरुद्ध है। कंपनी के मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:
- रेफरल प्रयोगशाला NABL से मान्यता प्राप्त नहीं थी, इसलिए परीक्षण कानून के अनुसार स्वीकार्य नहीं।
- जिन मानकों पर सैंपल फेल हुआ, वे उस समय लागू नहीं थे।
- दोबारा परीक्षण एक्सपायरी डेट बीत जाने के बाद किया गया, जो अमान्य है।
कंपनी ने कहा कि यह निर्णय RM Value (घी में volatile fatty acids का स्तर) में मामूली अंतर पर आधारित है, जो प्राकृतिक प्रक्रिया है और घी की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं डालता। RM Value क्षेत्रीय आधार पर भिन्न हो सकता है और FSSAI भी इसे समय-समय पर संशोधित करता रहता है।
पतंजलि ने अदालत के आदेश के खिलाफ फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर करने की बात कही और विश्वास जताया कि ट्राइब्यूनल में मामला उनके पक्ष में सुलझ जाएगा।
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