UP News : लखनऊ में शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले 81 शिक्षकों को सम्मानित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि वे दीपक हैं जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाते हैं, उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ना-लिखना सिखाना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन को समझने की क्षमता विकसित करना भी उतना ही जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुकुल केवल ज्ञान हासिल करने की जगह नहीं थे, बल्कि वहां विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों, जिम्मेदारियों और सामाजिक दायित्व की भी शिक्षा दी जाती थी, उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल के साथ जोड़ा जाए.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ज्ञान की असली सार्थकता तभी है, जब वह व्यक्ति के जीवन को बेहतर और सरल बनाए और समाज के लिए उपयोगी साबित हो.
डिजिटल के साथ AI साक्षरता भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि आज तकनीक तेजी से लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है. ऐसे समय में डिजिटल साक्षरता के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की समझ भी जरूरी हो गई है, उन्होंने कहा कि AI, डीप-टेक और नई तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि लखनऊ में विकसित हो रहा AI City और कानपुर में ड्रोन-UAV तकनीक का बढ़ता इकोसिस्टम प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए नई संभावनाओं का आधार बन रहा है.
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर लगातार काम कर रही है. इसके लिए ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और ज्यादा से ज्यादा बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में कामयाबी मिल रही है.
8 सितंबर को साक्षरता दिवस पर नया संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा. इस अवसर पर उन्होंने ज्ञान के विस्तार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की, उन्होंने कहा कि साक्षरता का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता, इसमें पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य होना चाहिए कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे और प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले.
उन्होंने युवाओं को कौशल और नवाचार से जोड़ने तथा प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने के साथ डिजिटल तकनीक और AI की जानकारी देने पर भी जोर दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की पूरी यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. वे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन और आत्मविश्वास पैदा करते हैं. इसलिए शिक्षक को मजबूत करना वास्तव में आने वाली पीढ़ी और राष्ट्र के भविष्य को मजबूत करना है.
ये भी पढ़ें- यूपी में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 2.10 करोड़ की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









