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ईरान में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या, इतिहास का सबसे बड़ा हत्याकांड, पूरी खबर पढ़ें

Iran Protest : ईरान में सरकार के खिलाफ कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। अपनी मांगों और हो रहे जुल्म के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं। ईरान ने इतनी बड़ी संख्या में मौतों के लिए ‘आतंकवादियों’ को दोषी ठहराया है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर देशव्यापी कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 12000 लोग मारे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा किया जा रहा है। इस मामले को लेकर ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है ये हत्याएं पिछले 17 दिनों में हुई हैं।

इतिहास में सबसे बड़ा हत्याकांड

ब्रिटिश वेबसाइट ने इसे ईरान के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। वहीं अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक की मिली जानकारी में मरने वालों की संख्या 600 के आस-पास बताई जा रही थी।

कई सोर्सज से जुटाई जानकारी

वेबसाइट के मुताबिक यह जानकारी कई सोर्सज से जुटाई गई है। इस डेटा की अलग-अलग लेवल पर जांच की गई और कड़े प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। इसमें बताया गया है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर की उम्र 30 साल से कम थी।

खामेनेई के आदेश पर हुई हत्याएं

रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर हत्याएं रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स ने गोली मारकर की हैं। रिपोर्ट का दावा है कि यह सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। बताया गया है कि अधिकतर हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। सरकार पर आरोप है कि वह इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर अपने अपराधों को दुनिया से छिपा रही है।

इसी बीच भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने मंगलवार को कहा कि ईरान में मौजूदा सरकार का दौर अब खत्म हो चुका है।

ट्रंप ने किया प्रदर्शनकारियों का समर्थन

बता दें कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान अब तक करीब 600 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है, जिसमें प्रदर्शनकारी समेत सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। वहीं 10,670 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच ट्रंप ने खुलकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है।

इन देशों पर पड़ेगा असर

जानकारी के अनुसार अमेरिका पहले ही ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के साथ व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। यदि टैरिफ लागू किए जाते हैं, तो इन देशों को अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार पर असर पड़ सकता है।

भारत पर पहले से लगा 50% टैरिफ

भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही टैरिफ को लेकर विवाद चल रहा है, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था ,और भारत ने रेसिप्रोकल को फॉलो नहीं किया। जिस कारण अमेरिका भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगा चुका है। अब अगर ईरान से व्यापार को लेकर भारत पर टैरिफ लगाया तो कुल टैरिफ 75% हो जाएगा।

बता दें कि दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद से निपटाने के लिए ट्रेड डील पर बातचीत होनी है। जिसमें भारत चाहता है कि उस पर लगाए गए कुल 50% टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूस से कच्चा तेल खरीदने पर जो एक्स्ट्रा 25% पेनल्टी लगाई गई है, उसे पूरी तरह खत्म किया जाए।

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