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बस्तर में नक्सलवाद पर बड़ा अपडेट, पापा राव के सरेंडर की अटकलें तेज

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से सक्रिय और इनामी नक्सली कमांडर पापा राव के आत्मसमर्पण की संभावनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के बीच हलचल बढ़ा दी है। यह घटनाक्रम नक्सल नेटवर्क के लिए एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों में बढ़ी सक्रियता

सूत्रों के अनुसार, पापा राव को लेकर बीते कई दिनों से बातचीत जारी थी, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसी के चलते सुरक्षा बलों की विशेष टीम को इंद्रावती नेशनल पार्क के भीतर एक संभावित ठिकाने की ओर रवाना किया गया है। माना जा रहा है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो वह अपने करीब 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर सकता है।

जगदलपुर में हो सकता है सरेंडर

अधिकारियों के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण बस्तर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जगदलपुर में हो सकता है। इस संभावित सरेंडर को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटनाक्रम को सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति की सफलता बताया है। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य के समन्वय तथा सख्त नीतियों के चलते नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। उन्होंने तय समयसीमा के भीतर ऐसे सरेंडर अभियानों को और प्रभावी होने की उम्मीद जताई है।

कौन है पापा राव?

पापा राव नक्सल संगठन में एक प्रभावशाली और रणनीतिक स्तर का नेता माना जाता है। उसके बारे में कहा जाता है कि:

  • वह वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव रहा है
  • दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय सदस्य है
  • उस पर लगभग 25 लाख रुपये का इनाम घोषित है
  • वह नक्सल गतिविधियों की रणनीति और संचालन में अहम भूमिका निभाता रहा है

कई बड़े हमलों में नाम

पापा राव का नाम कई गंभीर नक्सली घटनाओं से जुड़ा रहा है। कुटरू-बेदरे मार्ग पर हुए IED विस्फोट, जिसमें सुरक्षाबलों के जवान शहीद हुए थे, उसकी योजना से जुड़ा माना जाता है। इसके अलावा एंबुश और अन्य हमलों की साजिश में भी उसकी भूमिका बताई जाती है। वह पीएलजीए (People’s Liberation Guerrilla Army) में सक्रिय रहते हुए संगठन के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

पारिवारिक संबंध भी संगठन से जुड़े

जानकारी के अनुसार, पापा राव का परिवार भी नक्सल गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उसकी पत्नी उर्मिला भी नक्सली संगठन का हिस्सा थी, जो एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है। इससे उसके संगठन से गहरे संबंधों का अंदाजा लगाया जाता है।

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