Jaipur News : जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार सुबह विवाद बढ़ गया. राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम और स्थानीय लोगों के बीच कथित तौर पर जमकर झड़प हुई. CJP ने आरोप लगाया है कि उग्र भीड़ ने कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया. इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के कपड़े फाड़ने, एक कार्यकर्ता का हाथ टूटने और वाहनों के शीशे तोड़े जाने का आरोप लगाया गया है.
CJP के मुताबिक, रामपुरा कंवरपुरा का सरकारी प्राथमिक स्कूल लंबे समय से खराब हालत में है. स्कूल के मुख्य भवन की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं और उन्हें लोहे के एंगल के सहारे रोकने की कोशिश की गई है. खतरे को देखते हुए स्कूल को मुख्य भवन से करीब 50 मीटर दूर शिफ्ट किया गया है.
आरोप है कि बच्चों की कक्षाएं एक पशु बाड़े में बने टीनशेड के नीचे चल रही हैं, जहां आसपास मवेशियों का चारा और कच्ची दीवारें मौजूद हैं. CJP का दावा है कि पिछले साल निरीक्षण के दौरान भी स्कूल की स्थिति ऐसी ही थी.
सुबह से रास्ते पर की गई नाकेबंदी
CJP के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीण सुबह करीब 8 बजे से मुख्य रास्ते पर जमा थे. आरोप है कि रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही थी.
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि टीम के मौके पर पहुंचते ही भीड़ ने हमला कर दिया. उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं को लाठी-डंडों से पीटा गया, मोबाइल फोन छीने और तोड़े गए और एक महिला कार्यकर्ता के साथ भी बदसलूकी की गई. पथराव के दौरान पीछे रह गए एक कार्यकर्ता को भी भीड़ ने घेरकर पीटने का आरोप है.
रांका ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
घटना के बाद आशुतोष रांका ने इसे राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास का ‘काला दिन’ बताया, उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कथित हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है.
रांका ने स्कूलों में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को वापस लेने की भी मांग की, उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर CJP पूरे राजस्थान में आंदोलन शुरू करेगी और मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग उठाएगी.
पायलट समेत नेताओं ने जताई प्रतिक्रिया
घटना के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सवाल उठाए और राजस्थान पुलिस की भूमिका पर सवाल किया. भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद ने भी घटना की निंदा की.
वहीं, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी घटना की आलोचना करते हुए सरकारी स्कूलों में मीडिया और आम लोगों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.
फिलहाल स्कूल निरीक्षण को लेकर हुए इस विवाद के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. घटना में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने आना बाकी है.
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