Ayodhya Deepotsav 2026 : दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और जगमगाते रास्तों के बीच रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव-2026 के लिए तैयार हो रही है. सात नवंबर को होने वाले आयोजन को भव्य बनाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं. घाटों से लेकर रामपथ, प्रमुख चौराहों और मेला क्षेत्रों तक रोशनी, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इस बार प्रस्तावित घाटों पर करीब 33 लाख दीये जलाने का अनुमान है. प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है.
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के प्रमुख चौराहों पर सजावटी लाइटें और झालरें लगाई जाएंगी. रामपथ पर भवनों और बिजली के खंभों पर स्ट्रिप लाइटिंग की जाएगी. नाका, देवकाली, महोबरा और बूथ नंबर चार सहित राष्ट्रीय राजमार्ग के अंडरपास पर भी विशेष प्रकाश व्यवस्था की जा रही है.
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर-11 से लता मंगेशकर चौक तक रामपथ की दोनों ओर की रेलिंग को फूलों से सजाया जाएगा. प्रमुख स्थानों पर फूलों और कपड़ों से सजावट की तैयारी है. पेड़ों को भी रोशनी से सजाया जाएगा, ताकि पूरी रामनगरी उत्सव के रंग में नजर आए.
श्रद्धालुओं के लिए टॉयलेट और पेयजल की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों पर देखरेख करने वाले कर्मचारियों के साथ 30 मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे. नगर निगम सीमा में पहले से 471 बायो शौचालय मौजूद हैं, जहां निःशुल्क प्रसाधन सुविधा उपलब्ध है.
पेयजल के लिए नगर निगम सीमा में 85 वाटर कूलर लगाए गए हैं. इनमें 48 अयोध्या धाम और 37 अयोध्या कैंट में हैं. इसके अलावा 25 वाटर कियोस्क भी उपलब्ध हैं, जिनमें 18 धाम और सात कैंट क्षेत्र में स्थित हैं. जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर पानी के टैंकर भी लगाए जाएंगे.
रात में ही होगी घाटों की सफाई
दीपोत्सव के बाद घाटों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए करीब 792 सफाई मित्रों को तैनात करने की योजना है. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रात में ही दीये उठाने और घाटों की सफाई का काम शुरू किया जाएगा.
राम की पैड़ी पर बालू का छिड़काव किया जाएगा. सफाई के लिए प्रेशर वॉशर और स्क्रबर प्रेशर वॉशर जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल होगा, ताकि आयोजन के बाद घाटों को साफ रखा जा सके.
55 वाहनों से होगा कूड़ा प्रबंधन
दीपोत्सव के दौरान मेला क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सफाई की व्यवस्था रहेगी. कूड़ा उठाने और उसके प्रबंधन के लिए 55 वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारी सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे.
इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने, आवारा पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजने और पॉलीथीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं. जन-जागरूकता के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और डिजिटल संदेश बोर्ड के जरिए लोगों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की जाएगी.
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए नगर निगम की टीम दिन-रात तैयारियों में जुटी है.
करीब 33 लाख दीयों की रोशनी के साथ सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है. नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने भी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धर्मशालाओं, रेस्तरां, होमस्टे और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सफाई सुनिश्चित करने की बात कही है.
दीपोत्सव के जरिए अयोध्या को भव्य रूप देने के साथ-साथ नगर निगम का जोर इस बात पर है कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और आयोजन के बाद भी रामनगरी की स्वच्छता बनी रहे.
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