Uttar Pradesh

UP में 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र, CM योगी ने सौंपे पत्र, अभ्यर्थियों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सराहा

UP News : उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मंगलवार का दिन खास रहा. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए. लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे.

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी. चयनित युवाओं ने कहा कि उन्हें बिना किसी सिफारिश और हेरफेर के केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में आने का मौका मिला है.

भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता केवल जुमला नहीं

प्रयागराज निवासी आशुतोष त्रिपाठी का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है, उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षा साल 2025 में आयोजित हुई थी और एक साल के भीतर परिणाम जारी कर दिया गया, उन्होंने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त किया.

आशुतोष ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सिर्फ एक दावा नहीं, बल्कि वास्तविकता है, उन्होंने कहा कि बिना किसी हेरफेर के योग्यता के आधार पर चयन हुआ है.

जिसने मेहनत की उसका चयन हुआ

प्रतापगढ़ निवासी अमित कुमार सिंह का चयन भी ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है, उन्हें बरेली में तैनाती मिली है. अमित ने कहा कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी रही और कहीं भी किसी तरह की सिफारिश या सोर्स काम नहीं आया, उन्होंने बताया कि वह बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब अपने ही प्रदेश में नौकरी मिलने से वह बेहद खुश हैं.

फतेहपुर में तैनात हुईं रूपाली गुप्ता ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही, उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का पल है. वहीं नेहा देवी ने कहा कि उन्हें नौकरी पाने के लिए केवल आवेदन का खर्च उठाना पड़ा और मेहनत व योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ.

चार वर्षों की तैयारी के बाद मेहनत हुई सफल

ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर चयनित ओम बघेल ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है, उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के दौरान किसी ने उनसे पैसे की मांग नहीं की और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही.

ओम ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से तैयारी कर रहे थे और अब उनकी मेहनत सफल हुई है. आजमगढ़ निवासी मिथिलेश पाल ने भी अपनी सफलता का श्रेय मेहनत और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को दिया. चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि पारदर्शी व्यवस्था से मेहनत करने वाले युवाओं को सरकारी सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है.

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