Arvind Kejriwal : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर में गहराते एलपीजी गैस संकट को लेकर प्रधानमंत्री पर करारा हमला बोला है। इसके लिए प्रधानमंत्री की गलतियों को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में एलपीजी गैस की भारी किल्लत है।
इस वजह से एक करोड़ से ज्यादा लोगों के बेरोजगार होने का खतरा है। मोदी जी ने ट्रंप के आगे देश को अमेरिका की कॉलोनी बना दिया है। आखिर मोदी जी की ऐसी क्या मजबूरी है? ट्रम्प के दबाव में मोदी जी को युद्ध शुरू होने के एक दिन पहले इज़राइल जाने की क्या ज़रूरत थी? प्रधानमंत्री ने पुराने मित्र ईरान को नाराज कर पूरे देश को एलपीजी गैस के भारी संकट में डाल दिया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा गुट निरपेक्ष की रही है, लेकिन मोदी जी अमेरिका-इजराइल के साथ नजर आए। ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं। इसीलिए ट्रम्प के हर आदेश को सिर झुका कर ‘जी हुजूर’ कह कर मान लेते हैं। आखिर ट्रम्प के पास ऐसा कौन सा सीक्रेट है, जिसकी वजह से प्रधानमंत्री इतने मजबूर बने हुए हैं। अगर मोदी जी को ट्रम्प से अपने सीक्रेट के बाहर आने का डर सता रहा है तो इस्तीफा दे दें, लेकिन देश को बर्बाद न करें।
50 फीसद एलपीजी गैस का उत्पादन कम हो गया- केजरीवाल
बुधवार को ‘‘आप’’ मुख्यालय पर सांसद संजय सिंह और नेता जस्मीन शाह के साथ प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस वक्त देश बहुत गंभीर संकट से गुजर रहा है। पूरे देश में एलपीजी गैस की भारी किल्लत हो गई है। एलपीजी गैस का घरों में खाना बनाने, रेस्टोरेंट, होटल, इंडस्ट्री समेत कई तरह से लोग इस्तेमाल करते हैं।
60 फीसद होता है आयात
इस भारी कमी के पीछे मुख्य कारण हमारे देश में प्रतिदिन जितनी एलपीजी गैस का प्रोडक्टशन होता है, उसमें करीब 50 फीसद की कमी आ गई है। हमारे देश में एलपीजी की जितनी खपत है, उसका 60 फीसद आयात होता है। इस 60 फीसद आयात का 90 फीसद एलपीजी गैस स्टेट ऑफ हर्मोस से आता है। स्टेट ऑफ हर्मोस भारत के लिए बंद हो गया है। इस तरह 90 फीसद एलपीजी गैस का आयात कम हो गया है। ऐसे में अब हमारे देश में 50-55 फीसद एलपीजी का उत्पादन कम हो गया है।
एलपीजी गैस आपूर्ति पर रोक लगा दी है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलपीजी संकट का सबसे बड़ा खामियाजा रेस्टोरेंट, होटल को भुगतना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि रेस्टोरेंट और होटल को एलपीजी गैस मुहैया नहीं कराई जाएगी। रेस्टोरेंट और होटल एलपीजी के स्टॉक नहीं रख सकते हैं। क्योंकि सुरक्षा की चिंता होती है। ऐसे में रेस्टोरेंट और होटल को रोज अपनी खपत के अनुसार एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है। अगर एकदम से एलपीजी गैस की आपूर्ति बंद हो गई तो इनके पास एक-दो दिन का भी स्टॉक नहीं है।
हजारों रेस्टोरेंट-होटल बंद हो जाएंगे- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर कमी की वजह से मुम्बई में 20 फीसद होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। अगले दो दिन में 50 फीसद रेस्टोरेंट और होटल बंद होने जा रहे हैं। इसी तरह तमिलनाडु में लगभग 10 हजार होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। पंजाब और एनसीआर में आने वाले कुछ दिनों में हजारों होटल और रेस्टोरेंट बंद होने जा रहे हैं। यह शादियों का सीजन हैं। अगर एलपीजी गैस का संकट जारी रहा तो बहुत सारे लोगों को शादियां स्थगित करनी पड़ेंगी। इसी तरह की समस्या बैंगलूरू, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, बिहार समेत अन्य राज्यों में भी आ रही हैं।
एलपीजी गैस संकट गहराने से जमकर ब्लैक मार्केटिंग- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात के मोरबी को टाइल्स इंडस्ट्री का कैपिटल माना जाता है। वहां पर 650 के करीब इंडस्ट्री हैं। इनमें से 170 इंडस्ट्री बंद हो चुकी हैं और एक लाख के करीब लोग बेरोजगार हो चुके हैं। एलपीजी गैस संकट गहराने से देश भर में एक करोड़ से ज्यादा लोगों को एकदम से बेरोजगार होने की आशंका है। अगर इतने बड़े स्तर पर लोग बेरोजगार हो गए तो क्या स्थिति हो सकती है। हम इसकी कल्पना नहीं कर सकते। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने घरेलु और कमर्शियल एलपीजी गैस के दाम में भारी वृद्धि कर दी है। दूसरी तरफ संकट गहराने से एलपीजी गैस की मार्केट में जमकर ब्लैक मार्केटिंग हो रही है।
ईरान ने स्टेट ऑफ हार्मोस पर किया कब्जा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसे में देश को समझना पड़ेगा कि देश में एलपीजी गैस का संकट क्यों बढ़ गया है। यह इसलिए हो रहा है, क्योंकि इजराइल-अमेरिका ने ईरान के उपर हमला किया। स्टेट ऑफ हार्मोस से दुनिया भर में सबसे ज्यादा तेल और गैस का आवागमन होता है। ईरान ने स्टेट ऑफ हार्मोस पर कब्जा किया हुआ है। ईरान ने कहा कि जो उसके मित्र देश हैं, केवल उन्हीं को स्टेट ऑफ हार्मोस से अपनी जहाज ले जाने और लाने का अधिकार होगा। इसलिए स्टेट ऑफ हार्मोस से रूस और चीन के जहाज को अनुमति दी जा रही है।
गुट निरपेक्ष वाली विदेश नीति को किया ध्वस्त- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे बड़ी गलती यह की है कि जब किसी युद्ध में हमारा कोई हित ही नहीं है तो हमें किसी पक्ष का साथ नहीं देना चाहिए, बल्कि न्यूट्रल रहना चाहिए था। पिछले 75 साल से भारत की विदेश नीति में नॉन एलाइन्ड पॉलिस की चली आ रही थी।
जिसे पीएम मोदी ने चंद दिनों में ध्वस्त कर दिया। मोदी जी जाकर सीधे अमेरिका और इजराइल के साथ और ईरान के खिलाफ खड़े नजर आए। युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री को इजराइल जाने की क्या जरूरत थी? युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले पीएम मोदी को इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को गले लगाने क्या जरूरत थी? ऐसा करके पीएम ने पूरे भारत को संकट में डाल दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी, ट्रम्प के गुलाम बने हुए हैं- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह देश के लोगों की समझ से परे है। आज तक भारत ने कभी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी पक्ष नहीं दिया। शीत युद्ध (कोल्ड वार) के दौरान भी भारत नॉन एलाइन्ड (गुट निरपेक्ष) आंदोलन का पक्षधर था। तब भी भारत ने किसी का पक्ष नहीं लिया। प्रधानमंत्री ने सीधे-सीधे अमेरिका-इजराइल के पक्ष में खड़े दिखे और भारत के पुराने मित्र ईरान को अपना दुश्मन बना लिया। मुझे ऐसा शब्द इस्तेमाल करते हुए बेहद शर्म महसूस हो रही है, लेकिन पिछले एक साल से ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रम्प के गुलाम बने हुए हैं।
अमेरिका किस वजह से प्रधानमंत्री को ब्लैकमेल कर रहा है?- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 140 करोड़ आबादी वाले महान देश भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की कॉलोनी बना दिया है। अंग्रेज हमारे देश पर कब्जा इसलिए कर पाए थे, क्योंकि उस वक्त भारत के अंदर शासन करने वाले ज्यादातर राजा कमजोर थे। उनको ब्लैकमेल और खरीदा जा सकता था। अंग्रेजों ने उन पर हमला करके भारत पर कब्जा कर लिया। आज अमेरिका ने हमारे देश पर कब्जा कर लिया है।
क्योंकि एक तरह से हमारे देश का प्रधानमंत्री कमजोर है। प्रधानमंत्री को ब्लैकमेल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री को किस वजह से ब्लैकमेल किया जा रहा है। ट्रम्प और छोटे-छोट अफसर प्रतिदिन हमारे प्रधानमंत्री और हमारे देश का मजाक उड़ाते हैं। जिस तरह हम इतनी जिल्लत और अपमान महसूस कर रहे हैं, उससे हर एक भारतीय का खून खौल उठता है।
रूस से तेल लेना बंद कर दिया- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि आखिर हमने ऐसा क्या किया है तो अमेरिका हमारा रोज मजाक बनाता है। हमारा यही कसूर है कि हमारे देश का प्रधानमंत्री एक कमजोर आदमी है। ट्रम्प जो भी आदेश देते हैं, हमारे देश के प्रधानमंत्री सिर झुका कर, जी-हुजूर कह कर उसको मान लेते हैं। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका से आने वाली कॉटन पर ड्यूटी जीरो करो, तो पीएम ने कहा कि जी-हुजूर कर देते हैं और कर दिए।
8 लाख करोड़ रुपए का सालाना नुकसान
इसकी वजह से भारत के लाखों किसान बर्बाद हो गए। ट्रम्प ने कहा कि रूस से तेल खरीदना बंद करो, मोदी जी ने कहा कि जी-हुजूर बंद कर देते हैं। रूस से तेल खरीदना बंद करने से भारत को 8 लाख करोड़ रुपए का सालाना नुकसान हुआ। ट्रम्प ने कहा कि जितना सामान भारत भेजेगा, उस पर 18 फीसद ड्यूटी लगेगी और अमेरिका से आने वाले सामान पर जीरो फीसद ड्यूटी लगेगी।
युद्ध में अमेरिका और इजराइल का दिया साथ
मोदी जी ने कहा कि जी-हुजूर करते हैं और कर दिया। इन वजहों से देश के न जाने कितने कर्मचारी बेरोजगार हो गए। ढेरों इंडस्ट्री बंद हो गईं और लाखों करोड़ों किसानों का नुकसान हो गया। अब मोदी जी ने इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल का साथ दिया है।
मोदी जी का कैरियर खराब हो जाएगा- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि आखिर प्रधानमंत्री की ऐसी क्या मजबूरी है। कुछ तो जरूरत ट्रम्प के पास मोदी जी का सीक्रेट है। जिस वजह से मोदी जी इतने मजबूर हैं। ट्रम्प खुलेआम कह रहा है कि मेरे पास मोदी जी के कुछ ऐसे राज हैं, जिनको सार्वजनिक कर दूं तो मोदी जी का कैरियर खराब हो जाएगा।
अगर मोदी जी को लगता है कि ट्रम्प के पास उनकी कुछ ऐसी शर्मनाक बातें हैं, जिनको सार्वजनिक होने पर उनको नुकसान होगा तो वो अपने पद से इस्तीफा दे दें, लेकिन देश के साथ खिलवाड़ न करें। कोई और व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाएगा। अगर मोदी जी को ट्रम्प के पास अपने सीक्रेट को सार्वजनिक होने से डर लगता है तो वह इस्तीफा दे दें, लेकिन देश को बर्बाद न करें।
भारत को अमेरिका का गुलाम न बनाए- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 1947 हमारा देश आजाद हुआ। उस वक्त भारत आर्थिक समेत कई चीजों में बहुत कमजोर था। इसके बावजूद पूरी दुनिया में भारत की बहुत इज्जत थी। पूरी दुनिया में भारत का सम्मान होता था। 1971 में जब अमेरिका ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सीधे धमकी दी थी कि अगर भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया तो अमेरिका भारत पर हमला कर देगा।
केंद्र सरकार अपनी विदेश नीति को मजबूत करे
लेकिन इंदिरा गांधी ने अमेरिका की कोई बात नहीं सुनी। भारत ने पाकिस्तान पर हमला करके बांग्लादेश को आजाद कराया। वह भी एक जमाना था, जब भारत पूरी दुनिया में चौड़ा होकर चलता था। लेकिन आज पीएम मोदी ने दुनिया के सामने भारत का सिर झुका दिया है। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार अपनी विदेश नीति को मजबूत करे और भारत को अमेरिका का गुलाम न बनाए। भारत को ट्रम्प के सामने नतमस्तक नहीं होना चाहिए। साथ ही भारत की विदेश नीति देश के हितों के अनुसार बनाई जाए। भारत की विदेश नीति प्रधानमंत्री मोदी की मजबूरियों, कमजोरियों की गुलाम नहीं होनी चाहिए।
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