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बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के संकेत: तारिक रहमान की वापसी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत से शेख हसीना युग पर विराम

Bangladesh News : बांग्लादेश की राजनीति में पिछले दो दशकों के बाद बड़ा बदलाव हुआ है. चुनाव के परिणाम ने एक ऐसी कहानी लिख दी है, जिसमें वापसी, संघर्ष और सत्ता की दहलीज तक पहुंचने का सफर शामिल है. तस्वीर साफ है कि तारिक रहमान सिर्फ देश लौटे ही नहीं, बल्कि उन्होंने जनसमर्थन से अपनी ताकत का भी एहसास करा दिया.

जनता के मजबूत समर्थन के बीच तारिक रहमान ने अपनी दोनों संसदीय सीटों, ढाका-17 और बोगुरा-6 से भारी अंतर से जीत हासिल की. बांग्लादेश की राजनीति में एक साथ दो सीटों पर जीत को ताकत का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यह सफलता उनके लिए भावनात्मक रूप से भी खास रही, क्योंकि बोगुरा उनका परिवारिक गढ़ है, जबकि ढाका-17 सीट को राजधानी की सबसे अहम सीटों में गिना जाता है. इन दोनों सीटों से मिली जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत कर दिया है.

151 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया

तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहुमत के लिए जरूरी 151 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके साथ ही अवामी लीग के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के खत्म होने के संकेत भी साफ दिखाई दे रहे हैं. चुनाव नतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि अब बांग्लादेश की सियासी कमान तारिक रहमान के हाथों में जाती नजर आ रही है.

बता दें कि तारिक रहमान के लिए यह सफर आसान नहीं रहा, उन्होंने करीब 17 साल लंदन में स्वयं-निर्वासन में बिताए, लेकिन बांग्लादेश की राजनीति से जुड़े रहे और डिजिटल माध्यमों से पार्टी का नेतृत्व करते रहे. इस दौरान शेख हसीना सरकार के समय उन पर कई मामले दर्ज हुए, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक साजिश बताया.

2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी

रिपोर्ट्स के अनुसार तारिक रहमान पर आपराधिक और भ्रष्टाचार से जुड़े करीब 84 मामले दर्ज थे. हालांकि, अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद कानूनी हालात में बड़ा बदलाव आया और 2026 की शुरुआत तक अधिकांश अहम मामलों में उन्हें राहत मिल गई. इनमें 2004 में शेख हसीना की रैली पर हुए ग्रेनेड हमले से जुड़ा मामला भी शामिल है, जिसमें उन्हें 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.

छात्र आंदोलन के बाद बदला सियासी समीकरण

अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सत्ता से बाहर हुईं, जिससे तारिक रहमान के लिए नई राजनीतिक राह खुली. अंतरिम सरकार बनने और कानूनी अड़चनें हटने के बाद वह दिसंबर 2025 में ढाका लौट आए. इससे पहले वह लंदन में अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस से मुलाकात कर चुके थे, जिससे बांग्लादेश की राजनीति में उनकी अहम भूमिका के संकेत मिले.

बदली हुई छवि के साथ चुनावी मैदान में

2026 के चुनाव में मतदाताओं के सामने तारिक रहमान एक बदली हुई छवि के साथ नजर आए, उन्होंने सत्ता हासिल करने से ज्यादा व्यवस्था में सुधार को अपनी प्राथमिकता बताया, दो कार्यकाल की सीमा तय करने का वादा किया, संसद में ऊपरी सदन बनाने का प्रस्ताव रखा और समर्थकों से राजनीतिक बदले की भावना से दूर रहने की अपील की.

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