India-Russia Fighter Jet : भारत-रूस मिलकर अपनी आसमानी क्षमताओं पर अगली पीढ़ी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। जिससे सुपरपावर देश खौफ में हैं। दुनिया ने देखी है भारत की ताकत, जिससे दुश्मन भी थर्रा उठते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान जैसे आतंकी देश को भारतीय ताकत ने मिट्टी में मिला दिया था। घर में घुसकर जो तमाचे हमारी भारतीय सेना ने लगाए उसे उसकी पीढ़ियां जन्मों तक याद रखेंगी।
पाक-चीन की इंटरनेशनल बेइज्जती
ऑपरेशन सिंदूर में भारत का S-400 तभी से चर्चा का विषय है, आतंकिस्तान जानता है भारत से पार पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इसलिए वह चालें चलता है। चीन भी कहां कम है, फर्जी राफेल गिराने की वीडियो साझा कर दुनिया को भ्रमित किया, लेकिन दोनों की चालें काम नहीं आई और इंटरनेशनल बेइज्जती करवा बैठे। दोनों देशो को अंतरराष्ट्रीय चाटें लगे और फिर शांत बैठे।
फाइटर जेट का भारत में संयुक्त उत्पादन
इसी संदर्भ में बता दें कि भारत रूस पांचवीं पीढ़ी के सुखोई Su-57E स्टील्थ फाइटर जेट के भारत में संयुक्त उत्पादन की संभावना पर गहन तकनीकी वार्ता कर रहे हैं। यह जानकारी रूसी एयरोस्पेस कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के सीईओ वादिम बदेखा ने दी है।
स्वदेशी प्रणालियों को शामिल करने की योजना
रूस के वादिम बदेखा ने हैदराबाद में विंग्स इंडिया एयर शो के दौरान कहा कि भारत और रूस Su-57 फाइटर जेट के संयुक्त उत्पादन पर तकनीकी चर्चा के उन्नत चरण में हैं। उन्होंने बताया कि इसमें Su-30 के लिए इस्तेमाल हो रही भारतीय सुविधाओं और स्वदेशी प्रणालियों को शामिल करने की योजना है। इस तरह के समझौते द्विपक्षीय सहयोग को लंबी अवधि तक दिशा देने वाले होते हैं। हालांकि, भारत की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विकास में सहयोग की पेशकश
रूसी हथियार निर्यातक कंपनी रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के प्रमुख अलेक्जेंडर मिखीव ने भारत को Su-57E जेट की आपूर्ति के साथ-साथ भारत में इसके उत्पादन और AMCA स्टील्थ फाइटर के विकास में सहयोग की पेशकश की है। इसके अलावा, एयर शो के दौरान UAC और HAL के बीच सुपरजेट-100 क्षेत्रीय विमान के भारत में निर्माण को लेकर समझौता भी हुआ।
Su-57 की क्या है खासियत
Su-57 रूस का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे सुखोई कंपनी ने विकसित किया है। यह अमेरिकी F-22 और F-35 जैसी विमानों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया है। पहली उड़ान 29 जनवरी 2010 को हुई थी। Su-57 ट्विन-इंजन वाला है और इसमें सुपर मैन्यूवरेबिलिटी, सुपरक्रूज, उन्नत राडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और स्टील्थ तकनीक जैसी खासियतें हैं। यह हवा, जमीन और समुद्र पर हमले कर सकता है और पुराने MiG-29 और Su-27 विमानों की जगह लेने के लिए तैयार किया गया है। निर्यात के लिए Su-57E संस्करण उपलब्ध है।
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