Magh Mela 2026 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या से ही धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 6 दिनों से धरने पर हैं.
सूत्रों के अनुसार उन्हें बुखार है और वे दिन में केवल दो बार पालकी पर आए हैं. फिलहाल वह अपने वैन में आराम कर रहे हैं. प्रशासन के रवैये से नाराज होकर शंकराचार्य अभी तक अपने शिविर में वापस नहीं लौटे हैं.
डिप्टी CM ने की शांति की अपील
इससे पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि वे सवा लाख शिवलिंग स्थापित नहीं कर पाए हैं और जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, वे वसंत पंचमी का स्नान नहीं करेंगे, उन्होंने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या के दिन उन्हें पालकी में संगम स्नान से रोका गया और इस दौरान उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद उन्होंने धरने पर बैठने का फैसला किया. विवाद को शांत करने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हस्तक्षेप कर अपील की है.
लक्षेश्वर धाम शिवलिंग पहुंच पर नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के लक्षेश्वर धाम में सवा लाख शिवलिंग स्थापित किए जाने का प्रस्ताव था. इस योजना के तहत इन शिवलिंगों को प्रयाग लाकर जनता के दर्शन और विधिवत पूजन के लिए उपलब्ध कराया जाना था. वर्तमान में शंकराचार्य बाहर हैं, जबकि शिविर में रखे शिवलिंग साधना और पूजन की प्रतीक्षा में हैं. बताया जा रहा है कि सवा लाख शिवलिंगों में से केवल कुछ ही यहां पहुंच पाए हैं, जबकि बाकी कार्टूनों में पैक हैं. इसके अलावा, शिवलिंगों की एक और खेप आनी थी. भक्त जब इस स्थिति में शिवलिंगों को देख रहे हैं, तो वे अपनी नाराजगी और आक्रोश भी व्यक्त कर रहे हैं.
बता दें कि इन सबके बीच संत समाज ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है. नासिक में संत महंत रामस्नेही दास और महंत बैजनाथ ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि सम्मानजनक बातचीत और आपसी समझ से किया जाना चाहिए.
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