
Yuvraj Death case : ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में शुक्रवार को निर्माणाधीन मॉल के गहरे, पानी भरे गड्ढे में डूबने से इंजीनियर युवराज मेहता के मौत मामले में सीजेएम कोर्ट ने बिल्डर अभय को एक दिन की रिमांड खत्म होने के बाद उसे बुधवार को यानी आज कोर्ट में पेश किया गया था। पेशी के बाद कोर्ट ने उसे 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कोर्ट ने लगाई फटकार
इंजीनियर युवराज के मौत मामले में बीते कल यानी मंगलवार को आरोपी अभय को गिरफ्तार किया गया था। आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसे लापरवाही को लेकर अदालत की कड़ी फटकार सुननी पड़ी। इसके साथ ही कोर्ट ने कड़ी टिप्प्णी करते हुए प्रशासन को ये निर्देश दिया कि जांच में साफ होना चाहिए कि आखिरकार लापरवाही किसकी है। अगर नाली भी टूटी है तो उसके पीछे कौन जिम्मेदार है। इसके साथ ही बैरिकेट अगर नहीं लगा है तो उसका जिम्मेदार कौन है।
इस सभी सवालों को लेकर सख्ती से निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा कि, ये सब जांच का हिस्सा होना चाहिए। कोर्ट का कहना कि अगर कुछ साल से इसको लेकर शिकायत की जा रही थी तो उचित समय पर कार्यवाई क्यो नहीं की गई।
सीएम योगी ने दिए जांच के निर्देश
बता दें कि कार सहित पानी से भरे गड्ढे में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। जांच टीम को हादसे के कारणों, संबंधित विभागों की भूमिका, लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उपायों पर विस्तृत पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि सीएम के निर्देश के बाद एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण का दौरा कर जांच शुरू कर दी है और अब घटनास्थल का मुआयना करने के लिए रवाना हो गई है। इस मामले में जांच के दौरान नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया। एसआईटी से पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या हुआ था घटनास्थल पर?
गौरतलब है कि 16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर-150 में एक दुखद घटना घटित हुई थी, जब 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई और युवराज की पानी में डूबने से मौत हो गई। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था, लेकिन वहां किसी प्रकार का कोई अवरोधक नहीं था, जिससे यह दुर्घटना हुई। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं, और इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस और प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है।
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