Rajasthanराज्य

साध्वी प्रेम बाईसा के मौत की क्या है असली वजह? पिता की तरफ घूमी सवालों की सुई

Sadhvi Prem Baisa Death: राजस्थान के जोधपुर में हुई 25 वर्षीय साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से पूरे सनातन धर्मियों को गहरा सदमा लगा है। शुक्रवार को उन्हें भू-समाधि भी दे दी गई, लेकिन साध्वी की अचानक मौत ने सबके मन में ये सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिससे उनकी मौत हो गई? हालांकि इस सवाल की सुई अब प्रेम बाईसा के गुरु व पिता वीरमनाथ की तरफ घूम चुकी है।  

पिता पर उठ रहे अहम सवाल

दरअसल, साध्वी के पिता पर सवाल उठने की एक नहीं कई वजहें सामने आ रही है। जैसे कि अगर वीरमनाथ की शिष्या व बेटी की मौत साधारण है तो उन्होंने मौत के 4 घंटे बाद ही साध्वी की इंस्टाग्राम की आईडी से सुसाइड नोट क्यों पोस्ट किया? जिसमें लिखा था कि मुझे कम से कम मौत के बाद तो न्याय मिलेगा।

दूसरी बात कि किसी पिता के लिए यह कितना कठिन होगा जब उसकी बेटी संदिग्ध हालात में मर जाए, और न सिर्फ उसकी अनुयायी बल्कि कई अन्य लोग भी यह चाहते हों कि पोस्टमार्टम के जरिए मौत का सच सामने आए, लेकिन वही पिता अपनी बेटी के शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दे। सवाल है, आखिर वह ऐसा क्यों करता है?

वहीं अहम सवाल ये भी है कि जब किसी की तबीयत खराब हो जाती है तो लोग आमतौर पर डॉक्टर के पास जाते हैं। साध्वी भी हमेशा अगर कोई समस्या होती थी तो उसी डॉक्टर के पास जाती थी जहां मौत के बाद ले जाई गई थी, लेकिन इस बार साध्वी ने एक डॉक्टर के बजाय एक कंपाउंडर से इंजेक्शन लिया, और सिर्फ 30 सेकंड में उनकी हालत इतनी बिगड़ी कि उनकी जान चली गई। सवाल है, ऐसा क्यों हुआ?

गलत इंजेक्शन के कारण मौत का दावा

हालांकि वीरमनाथ ने अपने उपर उठ रहे कुछ सवालों का जवाब दिया है। गलत इंजेक्शन को लेकर उन्होंने कहा कि जैसे ही प्रेम बाईसा को इंजेक्शन लगाया गया, वे जोर-जोर से चीखने लगीं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी और मुंह व नाक से कफ निकलने लगा। गेट तक पहुंचते-पहुंचते वे बेहोश हो गईं और बाद में दम तोड़ दिया। वीरमनाथ ने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत गलत इंजेक्शन के कारण हुई। 

सुसाइड नोट पोस्ट करने पर स्षस्टीकरण

वहीं सुसाइड नोट डालने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए वीरमनाथ ने बताया कि अंतिम समय में प्रेम बाईसा ने उनसे कहा था कि गुरुजी, मुझे न्याय दिलाना। इसी उद्देश्य से उन्होंने घटना के करीब चार घंटे बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट डलवाई थी, ताकि मामले को सामने लाया जा सके। हालांकि वाबजूद इसके वीरमनाथ सवालों के घेरे में घिरे हुए हैं।

क्या लिखा था सुसाइड नोट में ?

“मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जीया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली। मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा। अग्निपरीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा, लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है। मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।”

2021 में वायरल हुआ था वीडियो

गौरतलब है कि साध्वी प्रेम बाईसा का साल 2021 में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह एक भगवाधारी व्यक्ति से गले मिलते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद साध्वी की जिंदगी में भूचाल आ गया था। वीडियो में उनके गुरु के साथ उनके संबंधों को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए गए थे। हालांकि, साध्वी ने इसे लेकर सफाई दी थी, और बताया था कि यह वीडियो तब का है जब वह मानसिक अवसाद में थीं और उनके गुरु ने उन्हें सांत्वना देने के लिए गले लगाया था। लेकिन इसके बावजूद वीडियो के वायरल होने से साध्वी, उनके गुरु और आश्रम की साख पर बुरा असर पड़ा था। साध्वी ने इसे लेकर 20 लाख रुपये की वसूली का आरोप भी लगाया था, और कहा था कि कुछ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज चोरी कर उसे वायरल करने की साजिश रची थी। वहीं अब 28 जनवरी को उनकी मौत हो गई जो एक नहीं कई सवालों को खड़ा कर दी है।

ये भी पढ़ें- IndiGo Bomb Threat : इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की धमकी, अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button