Russia Ukraine War : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए। ट्रम्प का आरोप है कि जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए मिले कई अवसरों का लाभ नहीं उठा पाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन यूक्रेनी नेतृत्व की ओर से अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर अमेरिका के नए फैसले ने वॉशिंगटन और कीव के बीच मतभेद बढ़ा दिए हैं।
रूस से डीजल की आपूर्ति पर अमेरिका का फैसला
ट्रम्प ने 9 अक्टूबर को रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला घोषित किया। इस कदम के तहत निर्धारित शर्तों के अंतर्गत रूसी डीजल की आपूर्ति और बिक्री का रास्ता खुल सकता है। अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच इस फैसले को अहम माना जा रहा है।
हालांकि, जेलेंस्की ने अमेरिकी फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि रूस को अपने ऊर्जा उत्पाद बेचने का अवसर मिलने से उसकी कमाई बढ़ेगी और वह इस धन का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में कर सकता है। यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने भी इस फैसले को लेकर चिंता जताई है।
रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों को लेकर ट्रम्प नाराज
ट्रम्प ने यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए जा रहे हमलों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इन हमलों से वैश्विक ईंधन आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने जेलेंस्की से रूसी रिफाइनरियों को निशाना बनाना बंद करने को कहा और आरोप लगाया कि यूक्रेन की कार्रवाई से अमेरिका में डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है।
दूसरी ओर, यूक्रेन इन हमलों को रूस की युद्ध क्षमता कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा मानता है। तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचने से रूस की ईंधन उत्पादन क्षमता, राजस्व और सैन्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
जेलेंस्की बोले- रूस हमले रोके तो यूक्रेन भी तैयार
जेलेंस्की ने 11 अक्टूबर को कहा कि यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, बशर्ते रूस भी यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले बंद करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि तनाव कम करने के लिए दोनों देशों को समान रूप से कदम उठाने होंगे और इस संबंध में ठोस गारंटी भी जरूरी है।
जेलेंस्की के अनुसार, ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सकती है, लेकिन इसके लिए रूस की ओर से भी सहमति और कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा और हवाई रक्षा को मजबूत करने के लिए यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत जारी रखेगा।
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने ट्रम्प के बयान का किया विरोध
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने ट्रम्प की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जेलेंस्की को यूक्रेनी जनता का समर्थन प्राप्त है और देश के नेता को चुनने का अधिकार वहां के लोगों के पास है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि जेलेंस्की युद्ध के समय देश की स्वतंत्रता, आजादी और सम्मान के लिए नेतृत्व कर रहे हैं।
यूक्रेन की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब ट्रम्प के बयान और रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है।
मियामी में छह घंटे चली बातचीत, लेकिन नहीं निकला ठोस नतीजा
युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच 9 अक्टूबर को मियामी में बातचीत हुई। बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे। बातचीत करीब छह घंटे तक चली, लेकिन युद्ध समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया।
जेलेंस्की ने अमेरिकी फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यूक्रेन की टीम युद्ध रोकने के विकल्पों पर चर्चा करने पहुंची थी, लेकिन इसके बाद रूस को डीजल आपूर्ति से जुड़ी राहत देने का निर्णय लिया गया। यूक्रेन का मानना है कि रूस पर दबाव बनाए बिना स्थायी शांति हासिल करना मुश्किल होगा।
रूस को आर्थिक राहत देने के प्रस्तावों पर भी चर्चा
सितंबर के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी। इनमें ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री क्षेत्रों में हमले रोकने के बदले रूस को कुछ आर्थिक राहत देने के विकल्प भी शामिल थे।
प्रस्तावों में पश्चिमी देशों में जब्त रूसी सरकारी संपत्तियों का कुछ हिस्सा लौटाना, रूसी कंपनी लुकोइल की कुछ संपत्तियों को मध्य-पूर्व के निवेशकों को बेचने की अनुमति देना और बेलारूस को पोटाश उर्वरक बेचने की छूट देना शामिल था। पोटाश का इस्तेमाल खाद बनाने में किया जाता है।
यूक्रेन इन प्रस्तावों पर पूरी तरह असहमत नहीं था, लेकिन उसका जोर इस बात पर था कि यदि रूस समझौते का उल्लंघन करता है तो उसे जवाबदेह ठहराया जाए। यूक्रेन ने यह सुझाव भी दिया कि रूस की जब्त संपत्तियों से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल यूक्रेन की सहायता के लिए किया जाना चाहिए।
रूस में यांडेक्स डेटा सेंटर पर ड्रोन हमला
यूक्रेन ने रूस के व्लादिमीर शहर में ड्रोन हमला किया, जिससे टेक कंपनी यांडेक्स का डेटा सेंटर बंद हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, चार दिनों के भीतर कंपनी के ठिकानों पर यह तीसरा हमला था। इसके चलते रूस के कई शहरों के साथ कजाखस्तान, बेलारूस और आर्मेनिया में टैक्सी बुकिंग और बैंकिंग जैसी सेवाएं प्रभावित हुईं। इस घटना ने रूस के डिजिटल और तकनीकी बुनियादी ढांचे पर जारी हमलों को फिर चर्चा में ला दिया।
जापोरिज्जिया में रूसी हमले से 23 लोगों की मौत
यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में रूसी हमले के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं। इस हमले में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की भी खबर है। रिहायशी इमारतों को हुए नुकसान के बाद राहत और बचाव कार्य चलाए गए।
वहीं, रूस के ब्रियांस्क क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं। दोनों ओर से जारी हमलों के कारण नागरिकों की सुरक्षा और युद्ध के विस्तार को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
अब तक नहीं हो पाया स्थायी शांति समझौता
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था। तब से जारी संघर्ष को समाप्त कराने के लिए कई राजनयिक प्रयास हुए हैं, लेकिन अब तक स्थायी शांति समझौता नहीं हो पाया है। ट्रम्प के ताजा बयान और रूसी डीजल आपूर्ति से जुड़े फैसले ने युद्ध को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के बीच मतभेदों को और उजागर कर दिया है।
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