Rahul Gandhi Statement : बजट सत्र के दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई. बिना किसी प्रत्यक्ष आरोप के, उन्होंने इसे एक “मिस्ड अवसर” बताया और कहा कि भारत को अपने संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर मजबूत स्थिति से बातचीत करनी चाहिए थी.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि भारत को यह स्पष्ट कर देना चाहिए था कि ऊर्जा सुरक्षा समझौते का हिस्सा नहीं हो सकती. उनके अनुसार, यह कहना जरूरी था कि, “हमारी ऊर्जा सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे किसी भी बाहरी दबाव में प्रभावित नहीं किया जा सकता.”
राष्ट्रीय हितों में मजबूती का संदेश
राहुल गांधी ने कहा कि यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो यह स्वाभाविक है. लेकिन भारत को भी अपने किसानों की सुरक्षा के लिए समान रूप से मजबूती से खड़ा रहना चाहिए. उनके अनुसार, किसान, डेटा और ऊर्जा ये तीनों भारत की सामरिक ताकत और राष्ट्रीय मजबूती के स्तंभ हैं.
ट्रेड डील में सख्त रुख की आवश्यकता
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि ट्रेड डील में फ्री डिजिटल ट्रेड, डेटा लोकलाइजेशन पर कोई दबाव न डालना, सीमित डिजिटल टैक्स, और गोपनीय स्रोतों का खुलासा न करना जैसे अहम मुद्दों पर भारत को अधिक सख्त रुख अपनाना चाहिए था, उनके अनुसार, भारत के “सबसे महंगे असेट”- डेटा और जनसंख्या की क्षमता – पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए. सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस समझौते से भारत को क्या लाभ हुआ और इसके लिए किस कीमत का भुगतान करना पड़ा.
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