UP News : उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रभावित हुई विद्युत आपूर्ति को सामान्य करने के लिए योगी सरकार ने राहत और निगरानी अभियान तेज कर दिया है. प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल की जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का फीडरवार समाधान सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने कहा कि 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए. उपभोक्ताओं को यह भी जानकारी दी जाए कि उनकी बिजली आपूर्ति कब तक बहाल होने की संभावना है.
कई क्षेत्रों में हुआ ब्रेकडाउन
बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई इलाकों में 33 केवी और 11 केवी फीडरों में ब्रेकडाउन की स्थिति बनी. कई स्थानों पर बिजली के पोल टूटने और लाइनों के क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आई. विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हैं और ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है. प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल, पेयजल आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाओं की बिजली को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए.
शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर जगह बिजली आपूर्ति सामान्य
डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकतर शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लगभग सामान्य कर दी गई है. मध्यांचल क्षेत्र में बरेली मंडल को छोड़कर अन्य शहरी इलाकों में स्थिति सामान्य है. वहीं 33 केवी के छह सबस्टेशन बंद हैं, जिन्हें जल्द चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
पूर्वांचल में बस्ती और संतकबीरनगर को छोड़कर अधिकांश शहरी क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी गई है. पश्चिमांचल में अमरोहा, बिजनौर, संभल और मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों को छोड़कर ज्यादातर क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य है. दक्षिणांचल में इटावा, कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद को छोड़कर अन्य शहरों में बिजली व्यवस्था बहाल कर दी गई है.
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
बारिश से ज्यादा प्रभावित जिलों में अंबेडकरनगर, भदोही, आजमगढ़, बलिया, बहराइच, बस्ती, बरेली, गोंडा, देवरिया, लखीमपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, हमीरपुर, शाहजहांपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, बुलंदशहर, गोरखपुर और वाराणसी ग्रामीण शामिल हैं.
इन जिलों में लगातार निगरानी की जा रही है. मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा गया है. यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिए हैं कि बिजली बहाली के काम में मैनपावर की कमी नहीं होनी चाहिए और एक भी फीडर को बिना जांच के नहीं छोड़ा जाए.
शक्ति भवन और सभी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं. अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगातार समीक्षा की जा रही है और जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं.
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