Modi Xi Jinping Meeting : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक जारी है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चीन की ओर से मिले समर्थन और सहयोग के लिए वह आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने का अवसर है।
गलवान के बाद जिनपिंग का पहला भारत दौरा
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। गलवान घाटी में 2020 में हुई झड़प के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। इससे पहले चीन की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि वह भारत के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने और आपसी मतभेदों को सुलझाकर सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है।
व्यापारिक रिश्ते जारी रहे
गलवान घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखने को मिला, लेकिन व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हुईं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में चीन से भारत का आयात करीब 65 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 132 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया। यानी इस अवधि में आयात लगभग दोगुना हो गया।
2019 में मामल्लपुरम में हुई थी मुलाकात
शी जिनपिंग इससे पहले अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। उस दौरान तमिलनाडु के ऐतिहासिक तटीय शहर मामल्लपुरम में प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया था। दोनों नेताओं ने पंच रथ और शोर मंदिर जैसे प्राचीन स्थलों का दौरा किया था और अनौपचारिक बातचीत के जरिए संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
सीमा शांति और भरोसा बढ़ाने पर जोर
2019 की बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन कम करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए उच्च स्तरीय तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी थी। अब नई दिल्ली में हो रही बैठक को भारत-चीन संबंधों के अगले चरण के लिए अहम माना जा रहा है।
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









