Uttarakhand Politics : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शनिवार को पार्टी में अपनी जिम्मेदारियों से हटने की इच्छा जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और ऐसे समय में उनके किसी मामले से पार्टी के अभियान को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
रावत वर्तमान में कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि वह इन दोनों जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं।
पूर्व OSD के ठिकाने पर ED की कार्रवाई का जिक्र
दरअसल, 10 सितंबर को हरीश रावत के पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान करीब 1.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जीना वर्तमान में रावत के निजी सहायक के तौर पर जुड़े हुए हैं। रावत ने कहा कि वह इस समय किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए वहां से इस्तीफा देने का सवाल नहीं उठता।
चंदन सिंह जीना पर रावत ने दी सफाई
हरीश रावत ने कहा कि चंदन सिंह जीना उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान OSD रहे हैं और उस समय पार्टी व सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा आरोपों के बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।
चुनाव और जांच को लेकर दिया बयान
रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वह मजाक में कहा करते थे कि चुनाव तब होंगे जब CBI उनके दरवाजे पर दस्तक देगी। उन्होंने कहा कि इस बार कार्रवाई उनके घर के बजाय एक सहयोगी के यहां हुई है और इसके जरिए एक राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया पर भी रखी सफाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में हुई सरकारी भर्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) का गठन युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उनके करीब तीन साल के कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां हुईं।
रावत ने कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया में कोई गलती हुई है तो वह उत्तराखंड की जनता से माफी मांगते हैं। हालांकि, व्यक्तिगत हस्तक्षेप के आरोपों पर उन्होंने कहा कि किसी के पास प्रमाण हैं तो उन्हें CBI, ED या राज्य पुलिस के सामने रखना चाहिए।
UKSSSC अध्यक्ष नियुक्ति पर भी दिया जवाब
हरीश रावत ने UKSSSC के तत्कालीन अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पूर्व सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी और इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी से भी सलाह ली गई थी। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को पद से हटाने या इस्तीफा लेने की कार्रवाई भी की गई थी। रावत ने कहा कि किसी व्यक्ति के भविष्य के आचरण का पहले से अनुमान लगाना संभव नहीं होता।
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