UP News : उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 में मीरजापुर के पारंपरिक कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है. नोएडा में 25 सितंबर से आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में जिले के 10 कालीन कारोबारी और 2 मिष्ठान कारोबारी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे.
प्रदेश सरकार की इस पहल से मीरजापुर के कालीन, दरी और हस्तशिल्प उत्पादों को देश-विदेश के खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा. ट्रेड शो में 86 देशों से आने वाले आयातक और कारोबारी मीरजापुर के उत्पादों को करीब से देख सकेंगे.
विदेशी खरीदारों से जुड़ेंगे कालीन कारोबारी
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि UPITS मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा.
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते माहौल में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और व्यापारियों से संपर्क बनाने का मौका मिलेगा. इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है.
ODOP से कालीन उद्योग को बढ़ावा
ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट और मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट समेत कई कारोबारी अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे. वहीं अन्य कारोबारी भी अलग-अलग हॉल में अपने कालीन और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे.
उपायुक्त ने बताया कि एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुई है. योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कारोबार को बढ़ावा मिला है.
कालीन बुनकरों को मिला लाभ
इसका सकारात्मक असर कालीन बुनकरों और कारीगरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी लाभ मिल रहा है.
UPITS में मीरजापुर के खाद्य उत्पादों को भी वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी है. एक जिला, एक व्यंजन (ODOC) के तहत जिले के प्रसिद्ध लाल पेड़ा और बालूशाही को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा.
मीरजापुर की मिठास को मिलेगा वैश्विक मंच
ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स ट्रेड शो में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे. विदेशी मेहमान और खरीदार मीरजापुर की इन पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद भी ले सकेंगे.
UPITS 2026 के माध्यम से मीरजापुर के कालीन, हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. इससे जिले के कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है.
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