Iran-USA Conflict : मिडिल ईस्ट में हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते नजर आ रहे हैं. ईरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाता है, तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर सकता है. इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिन देशों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है, वहां के ऊर्जा संसाधन संभावित निशाने पर हो सकते हैं.
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान को अल्टीमेटम दिया था कि यदि जलसंधि को बिना किसी बाधा के नहीं खोला गया, तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा. इसके जवाब में ईरान की ओर से भी सख्त रुख अपनाया गया है. ईरानी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि अगर उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया, तो इसका जवाब पूरे क्षेत्र में दिया जाएगा.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा खतरा
आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है, वहां तनाव का असर अब साफ दिखने लगा है. जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है.
इस बीच, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. हाल के दिनों में मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला और बढ़ गया है, जिससे हालात और अधिक अस्थिर हो गए हैं. इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र को संवेदनशील बना दिया है.
केजरीवाल ने सरकार को घेरा
उधर, भारत में भी एक अलग मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने घरेलू हवाई किरायों पर लगी सीमा हटाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इस कदम से टिकट महंगे हो सकते हैं और मिडिल क्लास के लिए हवाई यात्रा करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने सरकार से मांग की है कि किरायों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, क्योंकि अब हवाई यात्रा आम लोगों की जरूरत बन चुकी है, न कि केवल एक विलासिता.
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