Uttar Pradesh

अखिलेश यादव पर बृजलाल का निशाना, बोले- सनातन धर्म चुनावी वेशभूषा नहीं, आस्था है

UP News : राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी धार्मिक राजनीति पर सवाल उठाए हैं. बृजलाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव चुनाव के दौरान मंदिर, तिलक और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि अन्य समय उनकी राजनीति अलग दिखाई देती है, उन्होंने सपा सरकारों के कार्यकाल में आतंकवाद से जुड़े मुकदमों की कथित वापसी और पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कई सवाल उठाए.

बृजलाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव ने आतंकवाद से जुड़े 14 मुकदमे वापस लेने की पहल की थी. इनमें रामपुर के सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हमले से जुड़े आरोपियों के मामले भी शामिल होने का दावा किया, उन्होंने 7 मार्च 2006 को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में हुए बम विस्फोट का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में 20 हनुमान भक्तों की मौत हुई थी. बृजलाल ने आरोप लगाया कि इस मामले में भी मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी.

संभल दंगों और वाराणसी विस्फोटों का भी जिक्र

राज्यसभा सांसद ने 23 फरवरी 2005 को दशाश्वमेध घाट और 7 दिसंबर 2010 को शीतला घाट पर हुए विस्फोटों का उल्लेख किया, उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में भी मुकदमे वापस लेने की कार्रवाई की गई थी. इसके अलावा, बृजलाल ने मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में 1978 के संभल दंगों से संबंधित चार्जशीट वापस लेने का आरोप लगाते हुए सपा की नीतियों पर सवाल उठाए.

बृजलाल ने अखिलेश यादव के धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर भी टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वीडियो में भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र धारण किए दिखाई देते हैं, लेकिन अयोध्या में रामलला और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करने नहीं जाते, उन्होंने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी के पास रोजा-इफ्तार और नमाज के आयोजन का भी उल्लेख किया.

सनातन धर्म चुनावी वेशभूषा नहीं

बृजलाल ने मथुरा के केशवदेव मंदिर और शाही ईदगाह से जुड़े इतिहास का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी से बचने के लिए वहां नहीं जाने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि सनातन धर्म चुनावी वेशभूषा नहीं, बल्कि आस्था का विषय है. बृजलाल के इन बयानों के केंद्र में अखिलेश यादव की धार्मिक राजनीति और सपा सरकारों के पुराने फैसले रहे. उनके आरोपों पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है.

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