Uttar Pradesh

अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का फोरलेन काम अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

UP News : अयोध्या की सदियों पुरानी 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में नजर आएगी. श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने के लिए परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है. करीब 1,140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन बनाया जा रहा है. पूरे 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की लंबाई करीब 42 किलोमीटर है, जिसमें कुछ हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का भी शामिल है. परियोजना को दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की जगह और प्रकाश जैसी सुविधाएं मिलेंगी. लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से कराए जा रहे काम में सड़क निर्माण के साथ श्रद्धालुओं की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा रहा है.

14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है. वर्ष के अलग-अलग अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस परिक्रमा में हिस्सा लेने रामनगरी पहुंचते हैं. राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बीच परिक्रमा मार्ग का फोरलेन निर्माण आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मोदहा में रेलवे ओवरब्रिज तैयार

मार्ग के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है. अब दीपावली और दीपोत्सव से पहले पूरे 42 किलोमीटर मार्ग को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है.

परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है. कई जगह पौधारोपण के बाद ट्री गार्ड लगाए गए हैं. रात में रोशनी के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें भी लगाई जा रही हैं. अचारी सगरा के पास प्रकाश व्यवस्था शुरू हो चुकी है, जिससे मार्ग का स्वरूप दिन के साथ रात में भी बदला हुआ नजर आने लगा है.

श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह के मुताबिक, निर्माण के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है. बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु बिना असुविधा के अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें.

परिक्रमा मार्ग के नए स्वरूप से जहां श्रद्धालुओं का आवागमन आसान होने की उम्मीद है, वहीं बेहतर सड़क और सुविधाओं के जरिए अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है.

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