UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी समाज की असली प्रगति ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक कितनी मजबूती से पहुंच रहा है. गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों की पेंशन राशि में जल्द एक बार फिर बढ़ोतरी करने की घोषणा की. साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री बुधवार को सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह में पहुंचे थे. यहां उन्होंने 509 लाभार्थियों को 664 सहायक उपकरण वितरित किए.
जल्द बढ़ेगी दिव्यांगजन की पेंशन राशि
सीएम योगी ने कहा कि पहले दिव्यांगजनों को 300 रुपये पेंशन मिलती थी. सरकार ने इसे पहले 500 और फिर 1000 रुपये किया. अब कुछ दिनों में पेंशन राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी की जाएगी. हालांकि, नई राशि कितनी होगी, इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में व्यक्ति, मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया गया.
सभी 18 मंडलों में स्थापित होंगे पुनर्वास केंद्र
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए, उन्होंने बताया कि गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में यह केंद्र शुरू हो चुका है, उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर पेंशन से छूटे दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं.
509 लाभार्थियों को मिले 664 सहायक उपकरण
गोरखपुर क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को करीब सवा करोड़ रुपये के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए. इनमें 127 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 25 को ई-ट्राइसाइकिल और 70 को ट्राइसाइकिल दी गई.
इसके अलावा 155 दिव्यांगजनों को 319 स्मार्ट केन और ब्रेल किट, 90 को हियरिंग एड और 5 को स्मार्टफोन दिए गए. एक लाभार्थी को ब्रेल लिपि की गीता, एक को ब्रेल लिपि की रामचरितमानस, 10 को कृत्रिम अंग, 20 को वयोश्री योजना का लाभ और 5 दिव्यांगजनों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं.
हर विधानसभा क्षेत्र में लगाए जाएंगे शिविर
सीएम योगी ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण की शुरुआत बचपन से होनी चाहिए. शुरुआती जांच, थेरेपी, अभिभावकों को मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता पर सरकार का जोर है. तीन से सात वर्ष के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है.
उन्होंने दिव्यांगजनों को मुख्यमंत्री युवा, पीएम स्वनिधि, एक जिला एक उत्पाद, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंडअप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार कॉक्लियर इंप्लांट पर छह लाख रुपये तक के खर्च के साथ स्पीच थेरेपी में भी सहयोग करती है.
अवसर की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक चुनौती प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकती. प्रतिभा को दया नहीं, अवसर की आवश्यकता होती है. सही साधन और प्रशिक्षण मिलने पर व्यक्ति अपनी क्षमता की ऊंचाई तक पहुंच सकता है.
उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, महाकवि सूरदास, संगीतकार रवींद्र जैन और पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के साथ पैरालंपिक खिलाड़ियों दीपा मलिक, सुहास एलवाई, सुमित अंतिल, देवेंद्र, भाविना पटेल, वैभव गौतम, प्रवीण कुमार और प्रीति पाल का उदाहरण दिया, उन्होंने कहा कि इन प्रतिभाओं ने साबित किया कि उपलब्धियां मजबूत हौसले से हासिल की जाती हैं.
पीएम मोदी ने किया दृष्टि बदलने का प्रयास
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द का प्रयोग कर समाज की दृष्टि बदलने का प्रयास किया, उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत ब्रेल और ऑडियो सूचना, टैक्टाइल पाथ, सुलभ डिजिटल सेवाएं, सांकेतिक भाषा, कैप्शन और विजुअल अलर्ट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है.
शिक्षा को बताया सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं. लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं.
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव आया है, उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026-27 में दिव्यांगजन विभाग का बजट 2200 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि सपा सरकार के समय यह 665 करोड़ रुपये था.
प्रदेश में 55 बचपन डे केयर सेंटर संचालित
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पहले दिव्यांगजनों को भरण-पोषण के लिए 300 रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 1000 रुपये किया गया, उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए ई-स्कूटी के लिए 60 करोड़ रुपये दिए गए हैं. प्रदेश में 55 बचपन डे केयर सेंटर संचालित हैं और 28 अन्य केंद्र खोले जाने हैं.
कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कई विधायक, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एसपी मोहंती, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
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