Uttar Pradesh

योगी सरकार ने तेज की बजट खर्च की रफ्तार, विभागों को 60% व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश

UP Budget 2026 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों के अनुसार वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और विकास कार्यों पर खर्च की गति तेज करने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त होने वाली है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की रफ्तार अपेक्षा के अनुसार नहीं है, वहां तुरंत सुधार किया जाए.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले दो महीनों में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जाएं और कुल आवंटित बजट के मुकाबले कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए.

30 प्रमुख विभागों के बजट और खर्च की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने रविवार शाम वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक की. इसमें प्रदेश के सबसे अधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के वित्तीय प्रावधान, स्वीकृतियां और वास्तविक खर्च की बिंदुवार समीक्षा की गई.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धन आवंटित करना नहीं है, बल्कि समय पर उसका उपयोग कर योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाना है. उन्होंने वित्त मंत्री को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ नियमित बैठक कर बजट खर्च की समीक्षा की जाए. जिन विभागों में नीतिगत, तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से अड़चन आ रही है, उनका तत्काल समाधान किया जाए.

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया, उन्होंने कहा कि हर पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलना चाहिए.

इसके लिए गांववार और किसानवार मैपिंग कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र किसानों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके. ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण सुविधा बढ़ाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने को भी कहा गया.

स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पर फोकस

मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग को उत्तर प्रदेश के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ काम किया जाए.

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं और विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. काम में देरी या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

₹9.99 लाख करोड़ है प्रदेश का कुल बजट

समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट ₹9,99,056.48 करोड़ है. यह पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले ₹1,58,474.15 करोड़ अधिक है. इसमें विकास योजनाओं के लिए ₹5,01,957.09 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

अब तक शासन स्तर से ₹5,15,918.44 करोड़ यानी 51.6 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं. वहीं प्रदेश में अब तक ₹2,83,870.11 करोड़ का वास्तविक व्यय दर्ज किया गया है.

कई विभागों की वित्तीय प्रगति की समीक्षा

विभागवार समीक्षा में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग का बजट खर्च बेहतर रहा. ऊर्जा विभाग में ₹73,348.56 करोड़ के बजट के मुकाबले ₹41,541.93 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियां जारी हुई हैं.

बेसिक शिक्षा विभाग में ₹82,245.68 करोड़ के बजट के मुकाबले 80.2 प्रतिशत स्वीकृतियां जारी की गई हैं. गृह विभाग में ₹43,891.37 करोड़ के बजट के मुकाबले 92.2 प्रतिशत स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं. लोक निर्माण विभाग और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की भी वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई.

फील्ड में जाकर विकास कार्यों की निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें, उन्होंने कहा कि जहां काम की रफ्तार धीमी है, वहां तुरंत सुधार किया जाए.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी है.

ये भी पढ़ें- योगी सरकार में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार, 1548 करोड़ रुपये से 8,397 परियोजनाएं ला रहीं बदलाव

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