Uttar Pradesh

वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम योगी, 567 परिवारों को राहत, बोले- डबल इंजन की सरकार आपके साथ

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के विद्या विहार इंटर कॉलेज में आयोजित बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए, उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री वितरित की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की ओर से की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे. उन्होंने 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय इतनी राहत सामग्री नहीं मिलती थी. तब एक सूखी ब्रेड मिलती थी, जबकि अब 50 किलो की किट दी जा रही है, जिसमें 26 प्रकार के सामान होते हैं.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों की डूबी फसलों का सर्वे कराया जा रहा है, उन्हें मुआवजा देने के आदेश भी कर दिए गए हैं.

सीएम ने पुरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय बच्चों के लिए न दूध था, न गर्म भोजन, न राशन और न डिग्निटी किट, उन्होंने आरोप लगाया कि यही सामग्री या पैसा 2017 से पहले की सरकार में खा लिया जाता था, उन्होंने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी योजना लेकर आती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है और गरीब को उसका हक उपलब्ध कराती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष भी उन्हें इसी विद्यालय परिसर में आकर राहत कार्यों की समीक्षा करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने का अवसर मिला था.

वरुणा नदी के बैक फ्लो से जलजमाव

सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो वरुणा नदी बैक फ्लो करती है. इसके कारण निचले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है, उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्ष पहले इसी सीजन में भीषण जलजमाव के कारण लोगों का आवागमन बाधित होता था और उन्हें परेशानी होती थी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उनके साथ बाढ़ नियंत्रण के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी हैं. पिछले नौ-साढ़े नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, उनके परिणाम वाराणसी में भी देखने को मिल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नए कलेवर में एक नई काशी का दर्शन हो रहा है. काशी विश्वनाथ धाम, काशी के घाट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़कों के चौड़ीकरण, रिंग रोड, जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और बाढ़ पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किए गए उपाय आज काशी में देखने को मिल रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज संतुष्टि होती है कि कुल मिलाकर 14 ऐसे जिले हैं, जहां पानी थोड़ा-बहुत आया है, उन क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री वितरित की जा रही है.

प्रभावित परिवारों को 26 तरह की किट

सीएम योगी ने कहा कि जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी युद्ध स्तर पर राहत कार्य में जुड़े हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पैसा भेजा है, आपदा राहत निधि से उसी पैसे से सारी व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

उन्होंने बताया कि हर प्रभावित परिवार को 26 प्रकार के सामान वाली किट उपलब्ध कराई जा रही है. इसमें ढाई किलो लाई, दो किलो कच्चा चना, दो किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्किट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, नहाने के दो साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर दाल और 10 किलो आलू शामिल हैं.

बिजली गिरने पर 4 लाख की मदद

इसके अलावा हल्दी, मिर्च, मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़ा धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन भी किट में दिया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी का फैलाव होने पर सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के काटने की शिकायतें आती हैं. मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष के कारण भी कई जगह जनहानि की शिकायतें आती हैं. मकान ढहने और बिजली गिरने से भी समस्याएं होती हैं. इन सभी को आपदा राहत में शामिल किया गया है, उन्होंने कहा कि किसी की डूबने से मौत हो जाए या आकाशीय बिजली से असामयिक मौत हो, तो आपदा राहत निधि से अगले 24 घंटे के अंदर उस परिवार को चार लाख रुपये की सहायता हर हाल में मिल जाए, इसकी व्यवस्था की गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी गरीब का मकान जल गया, बाढ़ में बह गया या टूट गया तो उसे तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास उपलब्ध कराया जाएगा.

वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित

मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं. इनमें 2,486 नागरिक रह रहे हैं. 21 राहत शिविरों में इन सभी को रखने की व्यवस्था की गई है.

उन्होंने बताया कि बचाव के लिए 48 नाव, एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीमों को 24 घंटे सक्रिय किया गया है. बाढ़ से बचाव के लिए मेडिकल शिविर लगाए जा रहे हैं. जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उन्हें आयुष्मान कार्ड और मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जा रही है.

सर्वे के बाद मिलेगी राहत सामग्री

सीएम योगी ने बताया कि 1,129 किसानों की 131 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है. इसका सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे के बाद उन्हें भी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ये सभी कार्य इसलिए संभव हो पाए हैं, क्योंकि काशी ने देश की संसद में एक सुयोग्य प्रतिनिधि सांसद बनाकर भेजा है. यह हमारा सौभाग्य है कि काशी के सांसद पूरे देश को प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व दे रहे हैं.

डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोग अकेले नहीं हैं. डबल इंजन की सरकार उनके साथ खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, उन्होंने कहा कि 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से एक-एक गतिविधि की जानकारी लेकर हर जरूरतमंद तक उसकी आवश्यकता के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा.

इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक पिंडरा डॉ. अवधेश सिंह, विधायक कैंट सौरभ श्रीवास्तव और विधायक अजगरा त्रिभुवन राम समेत अन्य लोग उपस्थित रहे.

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