
Haryana News : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित प्री बजट कंसल्टेशन बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षाविदों, अभिभावक प्रतिनिधियों और महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी बजट 2026-27 के लिए शिक्षा और महिला कल्याण क्षेत्र में नए और प्रभावी सुझावों पर विचार करना था।
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें नमन किया और साथ ही लोहड़ी और मकर संक्रांति के पावन पर्व की सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, “यदि शिक्षा मजबूत है और महिलाएं सशक्त हैं तो कोई भी प्रदेश प्रगति की दौड़ में पीछे नहीं रह सकता।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा वह नींव है, जिस पर आने वाली पीढ़ियों का चरित्र, कौशल, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की चेतना खड़ी होती है।
पिछले वर्ष शिक्षा क्षेत्र में हुई बैठक का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इस बैठक से 170 बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 63 महत्वपूर्ण सुझावों को बजट 2025-26 में शामिल किया गया था। शिक्षा विभाग के लिए पिछले वर्ष 21,893 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष की स्थापना की गई है, जिसमें 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को 2026-27 तक लागू करेंगे। इसके अलावा, 8 जनवरी को पंचकूला में नींव पोर्टल का शुभारंभ किया गया था, जो एक इंटेलिजेंट डाटा ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है। इस पोर्टल को पहले चरण में विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा, फिर महाविद्यालयों और बाद में स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक इसका विस्तार किया जाएगा।
महिला कल्याण की दिशा में उठाए गए कदम
मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण पर भी जोर दिया और बताया कि पिछले वर्ष 20 जनवरी 2025 को पंचकूला में बजट 2025-26 को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया था। 85 सुझावों में से 39 महत्वपूर्ण सुझावों को बजट में शामिल किया गया था। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 2,101 करोड़ 55 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सरकारी संस्थानों में चल रही कैंटीनों के एक तिहाई टेंडर महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही, प्रदेश के 2000 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में बदला जा रहा है, ताकि महिलाओं और बच्चों की बेहतर देखभाल की जा सके।
आगामी बजट में शिक्षा और महिला कल्याण के लिए विशेष प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बजट 2026-27 में शिक्षा और महिला कल्याण क्षेत्र से जुड़े सार्थक, व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझावों को पूरी प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सरकार सभी पहलुओं पर ध्यान देगी और हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत रहेगी।
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