
अहम बातें एक नजर में :
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुमेर शैक्षणिक संस्थान के 128वें स्थापना दिवस में शिरकत की.
- उन्होंने समाज सेवा और शिक्षा में योगदान देने वाले संस्थान की सराहना की.
- संस्थान ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, रोजगार और समाज की जरूरतमंदों को सहायता प्रदान की.
- महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया गया.
- समारोह में शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा को जोड़ने के महत्व पर जोर दिया गया.
- मुख्यमंत्री ने आयोजकों को धन्यवाद और सभी को शुभकामनाएं दीं.
Sumer Institute 128th Anniversary : राजस्थान के जोधपुर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में सुमेर शैक्षणिक संस्थान के 128वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की. इस अवसर पर उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय देवी लाल गहलोत जी की प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और अपने परिवार के बीच आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है.
शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा में मिसाल
सुमेर शैक्षणिक संस्थान शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा की मिसाल पेश करता आ रहा है. संस्थान माली समाज का सबसे पुराना शिक्षण संस्थान है, जिसने अपने आरंभ से ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है. इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर विधवाओं को पेंशन, सामूहिक विवाह, चिकित्सा सहायता और दिव्यांग शिविरों के माध्यम से समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है. मुख्यमंत्री ने इस समाज सेवा की भावना की दिल से सराहना की.
वीरता और सामाजिक क्रांति की मिसाल
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी हमारे शिक्षण संस्थान शिक्षा का प्रकाश फैला रहे हैं और यह समाज शिक्षा, कृषि और राष्ट्र निर्माण में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है. सुमेर समाज से लिखमीदास जी महाराज जैसे संत और बल्लभगढ़ रियासत के सेनापति गुलाबचंद सैनी जैसे वीर योद्धा पैदा हुए हैं. इसके अलावा, महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा में क्रांतिकारी कार्य किए, जो समाज के लिए प्रेरणादायक हैं.
सुमेर संस्थान की 128वीं वर्षगांठ का महत्व
मुख्यमंत्री ने इस समारोह के आयोजन और मंच प्रदान करने के लिए आयोजकों को धन्यवाद दिया और सभी को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा को जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं. इस अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दृष्टिकोण और समाज सेवा के प्रयासों की सराहना की. सुमेर शैक्षणिक संस्थान की 128वीं वर्षगांठ ने एक बार फिर शिक्षा और समाज सेवा के महत्व को सामने रखा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया.
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