UP MLC Election : विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने बीजेपी की चुनावी रणनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पार्टी को हार मिली, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाले गोरखपुर में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा. महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस की जीत ने बीजेपी के सामने एक और चुनौती पेश की है. इन नतीजों के बीच आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो सकती है.
वाराणसी खंड की शिक्षक सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा. वहीं, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को महज 307 वोटों से हराया. इतने कम अंतर से मिली जीत ने इस मुकाबले को चर्चा में ला दिया.
इस चुनाव में समाजवादी पार्टी की भूमिका भी अहम रही. पार्टी ने बीजेपी के बागी संजय को टिकट दिया था, लेकिन चुनावी आंकड़ों के मुताबिक निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को भी समर्थन मिला. हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि सपा के मतदाताओं ने किसे वोट दिया.
नागपुर में कांग्रेस ने फिर मारी बाजी
महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया. वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि कोहाले को 63,960 वोट प्राप्त हुए.
आपको बता दें कि नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है. ऐसे में यहां बीजेपी की हार को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
विधानसभा चुनाव से पहले क्या होगा असर?
वहीं,वाराणसी में हार, गोरखपुर में बेहद कम अंतर से जीत और नागपुर में शिकस्त ने बीजेपी के सामने आत्ममंथन का सवाल खड़ा किया है. हालांकि, विधान परिषद चुनावों के नतीजों से विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं होता. फिर भी ये नतीजे स्थानीय समीकरणों, उम्मीदवारों की पकड़ और राजनीतिक रणनीति के महत्व को रेखांकित करते हैं.
ये भी पढ़ें- भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को UAE का बड़ा सम्मान, राष्ट्रपति ने गले लगाकर दी बधाई
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









