Milk Price Hike : दूध खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अब अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। राज्य सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी। सरकार के मुताबिक, कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा डेयरी किसानों को दिया जाएगा, जबकि शेष राशि दूध यूनियनों को मिलेगी।
1 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें
कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि दूध की कीमत में कुल 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसमें से 7 रुपये दूध उत्पादक किसानों को और 1 रुपया दूध यूनियनों को दिया जाएगा। इस फैसले का असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है। नंदिनी के टोन्ड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। यानी अब एक लीटर दूध खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले 8 रुपये अधिक देने होंगे।
किसानों को मिलेगा बढ़ी हुई राशि का बड़ा हिस्सा
कर्नाटक सरकार का कहना है कि दूध उत्पादक किसानों को बढ़ती लागत के बीच आर्थिक सहायता देना जरूरी है। कर्नाटक में लगभग 10 लाख किसान परिवार डेयरी व्यवसाय पर निर्भर हैं। कई परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतें, घरेलू खर्च और चिकित्सा संबंधी आवश्यकताएं दूध की बिक्री से होने वाली कमाई पर निर्भर करती हैं। नई व्यवस्था के तहत किसानों को मिलने वाली मूल कीमत 35 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर की जाएगी। सरकार की मौजूदा 5 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि जारी रहने पर किसानों को कुल 47 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे।
दूध महंगा करने के पीछे क्या है वजह?
दूध यूनियनों ने कीमतों में बढ़ोतरी की मांग करते हुए पशुओं के चारे, आहार, दवाओं, परिवहन और प्लास्टिक पैकेजिंग की लागत बढ़ने का हवाला दिया था। सूखे के कारण चारे की कमी ने भी डेयरी कारोबार की मुश्किलें बढ़ाई हैं। दूध उत्पादकों का कहना है कि बढ़ती लागत के मुकाबले मौजूदा खरीद दर पर्याप्त नहीं है। ऐसे में कीमतों में संशोधन से किसानों की आय को सहारा मिलने की उम्मीद है।
पहले भी कई बार बढ़ चुके हैं दूध के दाम
नंदिनी दूध की कीमतों में नवंबर 2022 के बाद से कई बार बदलाव किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नवंबर 2022 में 3 रुपये, जुलाई 2023 में 3 रुपये, जून 2024 में 2 रुपये और मार्च 2025 में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। मौजूदा फैसला इस अवधि में पांचवीं बड़ी मूल्य वृद्धि है।
आम लोगों और कारोबारियों पर क्या होगा असर?
दूध की कीमत बढ़ने से नियमित रूप से दूध खरीदने वाले परिवारों का मासिक खर्च बढ़ेगा। इसके अलावा चाय की दुकानों, कॉफी शॉप, होटल, रेस्तरां और दूध से बने उत्पाद बेचने वाले कारोबारियों की लागत भी बढ़ सकती है।
हालांकि, चाय, कॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों में बदलाव करना संबंधित कारोबारियों का निर्णय होगा। उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले नंदिनी के पैकेट पर छपी नई कीमत जांचनी चाहिए।
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