
New Delhi : 1 मार्च की रात को कुवैत के ऊपर एक फ्रेंडली फायर की घटना में तीन अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल्स विमान गिर गए। अमेरिकी मिलिट्री के अनुसार, यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई। हालांकि, सभी 6 एयरक्रू सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे और उन्हें रेस्क्यू कर लिया गया है। इस घटना से कुवैत द्वारा हुई गलती की पुष्टि की गई, और इसके कारण की जांच जारी है।
अमेरिका की कुवैत से सहयोग की सराहना और जांच प्रक्रिया
यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी दी और कुवैत की डिफेंस फोर्स की मदद और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। कुवैत ने अपनी गलती स्वीकार की और इस घटना के कारण की जांच की जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।
अमेरिकी का 1,000 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमला
इस घटना के कुछ ही दिन बाद, अमेरिकी सेंट्रल कमान ने रविवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने शनिवार से अब तक एक हजार से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में आईआरजीसी के मुख्यालय, बैलिस्टिक मिसाइल केंद्र, ईरानी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां शामिल हैं। यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान का हिस्सा है और इसे कड़ा संदेश भेजने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
खामेनेई की मौत पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, दुनिया भर में विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएँ आई हैं। अधिकांश देशों ने खामेनेई की हत्या की निंदा की है और युद्ध को समाप्त करके फिर से वार्ता की अपील की है। कई देशों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए खतरे का कारण बन सकता है।
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