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ईरान युद्ध के चलते अमेरिका में तेल और हवाई यात्रा महंगी, आम जनता पर असर

Oil Price Hike : ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसका असर सीधे तौर पर अमेरिकी नागरिकों पर पड़ रहा है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का उत्पादक देश है, लेकिन अब यहां तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसके साथ ही पेट्रोल की औसत कीमत 4.10 डॉलर प्रति गैलन हो चुकी है, जो जून 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। जनवरी से पेट्रोल की कीमत में 1.3 डॉलर की तेजी दर्ज की गई है।

नीतिगत ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था। इसके बाद से अमेरिकी उपभोक्ताओं ने फ्यूल के लिए 8.4 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च किए हैं। दैनिक आधार पर यह राशि लगभग 240 मिलियन डॉलर है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए फेडरल रिजर्व ने हाल ही में नीतिगत ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की है और आगे की कार्रवाई महंगाई के स्तर को देखकर तय की जाएगी।

तेल की कीमत बढ़ने का असर विमान किराए पर भी देखा जा रहा है। लंबे रूट्स पर हवाई किराया काफी बढ़ गया है। उदाहरण के लिए-

सैन फ्रांसिस्को से सिंगापुर की फ्लाइट का किराया 35 फीसदी बढ़कर 1179 डॉलर हो गया।
लॉस एंजेलिस से शंघाई की फ्लाइट का किराया 18 फीसदी बढ़कर 819 डॉलर हुआ।
ट्रांस अटलांटिक रूट्स पर कम से कम 200 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।

विदेश यात्रा के कार्यक्रम रद्द

घरेलू रूट्स पर भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। नेवार्क से लॉस एंजेलिस का किराया चार गुना बढ़ चुका है। यूनाइटेड एयरलाइंस ने चेतावनी दी है कि अगर जेट फ्यूल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो किराया 20 फीसदी तक बढ़ाना पड़ेगा। इस वजह से कई लोग विदेश यात्रा के कार्यक्रम रद्द कर रहे हैं। मार्च में ऐसे यात्रियों की संख्या में 16.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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