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हरियाणा में मौसम ठंडा: पश्चिमी विक्षोभ के चलते मार्च-अप्रैल में तापमान सामान्य से कम

Haryana Weather : पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. प्रदेश के 10 जिलों में हुई बारिश से तापमान सामान्य से नीचे चला गया है. उदाहरण के तौर पर, तीन दिन पहले हिसार में अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस था, जो अब घटकर 27 डिग्री तक आ गया है.

मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मार्च को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा, लेकिन 19 मार्च से फिर से बूंदाबांदी और बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही तेज आंधी चलने की भी चेतावनी जारी की गई है.

बाला और करनाल जिलों में बारिश हुई

पिछले दो दिनों में फतेहाबाद, रोहतक, चरखी-दादरी, अंबाला और करनाल जिलों में बारिश हुई. तेज हवाओं (लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटा) और बारिश के कारण कुछ फसलें गिर गई हैं. सोमवार को अंबाला और करनाल में भी बारिश दर्ज की गई.

वहीं, मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट आई है. अधिकतम तापमान अब लगभग 27 डिग्री सेल्सियस है. उन्होंने आगे कहा कि 18-21 मार्च के दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी और ओलावृष्टि की संभावना है.

न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई

प्रदेश के जिलों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है और यह स्थिति कुछ दिन और बनी रह सकती है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सक्रिय होने वाले अगले विक्षोभ की तीव्रता और अधिक होगी, जिससे बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ सकता है. मार्च के बाकी दिन भी गर्मी सामान्य से कम रहने की संभावना है, जबकि अप्रैल का पहला पखवाड़ा भी ठंडा रहेगा.

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ गेहूं वैज्ञानिक डॉ. ओपी बिश्नोई ने किसानों को सलाह दी है कि इस समय गेहूं की फसल में सिंचाई न करें. इस समय पानी देने से फसल गिरने का खतरा बढ़ सकता है.

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