Uttar Pradesh

ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो मार्ट बना ग्लोबल बिजनेस हब, UPITS ने बढ़ाई यूपी की औद्योगिक पहचान

UP Trade Show : ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 के चौथे संस्करण का मंगलवार शाम समापन हो गया. वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह आयोजन अब उत्तर प्रदेश के उद्योग, उद्यमिता, निर्यात और वैश्विक कारोबार को एक मंच पर लाने वाले प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में शामिल हो चुका है.

इंडिया एक्सपो मार्ट पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है.

अब बना वैश्विक व्यापार का मंच

इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड का गठन 12 अप्रैल 2001 को हुआ था. वर्ष 2003 में ग्रेटर नोएडा स्थित परिसर की आधारशिला रखी गई और वर्ष 2006 में इसका उद्घाटन हुआ.

शुरुआत में इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराना था. समय के साथ यहां स्थायी शो-रूम, प्रदर्शनी हॉल, बिजनेस मीटिंग स्पेस, हॉस्पिटैलिटी और आयोजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित हुईं. आज इंडिया एक्सपो मार्ट विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और कारोबार के नए अवसर तलाशने का मंच उपलब्ध करा रहा है.

ब्रांड यूपी को मिला वैश्विक मंच

उत्तर प्रदेश सरकार ने ओडीओपी, निर्यात प्रोत्साहन, एमएसएमई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार को आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों के रूप में आगे बढ़ाया है.

इसी उद्देश्य के साथ वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो की शुरुआत हुई. इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का माध्यम बना.

UPITS के जरिए ओडीओपी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पादों, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है.

2026 में 90 देशों की भागीदारी

वर्ष 2025 के यूपीआईटीएस में 2200 से अधिक प्रदर्शकों और 80 से ज्यादा देशों की भागीदारी दर्ज की गई थी. इस आयोजन के दौरान 288 एमओयू हुए, जिनका कुल घोषित मूल्य लगभग 89 करोड़ रुपये था.

वहीं वर्ष 2026 में यूपीआईटीएस का विस्तार और बड़ा हुआ. चौथे संस्करण में 2400 से अधिक प्रदर्शक, 90 देशों की भागीदारी और 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हुए. इस आयोजन में वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे साझेदार देशों की भागीदारी रही.

लोकल से ग्लोबल तक पहुंच रहे यूपी के उत्पाद

यूपीआईटीएस प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मंच बनकर सामने आया है. इंडिया एक्सपो मार्ट के स्थायी मार्ट में 31 जुलाई 2026 तक 1800 शो-रूम और 774 निर्यातकों की मौजूदगी दर्ज की गई. मार्ट सोर्सिंग डेज जैसे आयोजनों के जरिए खरीदार सालभर उत्पादों और आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े रह सकते हैं. इससे व्यापारिक गतिविधियां केवल पांच दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रहतीं.

16 प्रदर्शनी हॉल और 76 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र

इंडिया एक्सपो मार्ट ने समय के साथ अपनी क्षमता में विस्तार किया है. 31 मार्च 2024 तक जहां 14 प्रदर्शनी हॉल संचालित थे, वहीं 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 16 हो गई.
इसी अवधि में ऑपरेशनल हॉल क्षेत्रफल 64,888 वर्गमीटर से बढ़कर 76,484 वर्गमीटर हो गया.

इंडिया एक्सपो मार्ट में हस्तशिल्प और होम डेकोर से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग, फूड, हॉस्पिटैलिटी, पैकेजिंग और औद्योगिक तकनीक से जुड़े आयोजन होते हैं.

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो, बैटरी शो इंडिया, सीपीएचआई एंड पी-मेक इंडिया और इंडस फूड जैसे आयोजन इसे उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाते हैं.

रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी फायदा

इंडिया एक्सपो मार्ट का प्रभाव केवल प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों तक सीमित नहीं है. बड़े आयोजनों से होटल, परिवहन, कैटरिंग, स्टॉल निर्माण, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी अवसर पैदा होते हैं. 31 जुलाई 2026 तक मार्ट में 391 कर्मचारियों की संख्या दर्ज की गई है. इसके अलावा आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी सेवा प्रदाता भी जुड़े रहते हैं.

इंडिया एक्सपो मार्ट ने व्यापार को केवल फिजिकल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा है. एक्सपो डिजिटल इंडे और एक्सपोबाजार जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय उत्पादों को ऑनलाइन बाजार और सप्लाई चेन से जोड़ने का प्रयास किया गया है.

ग्रेटर नोएडा बना ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन

जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, दिल्ली-एनसीआर की निकटता और औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण ग्रेटर नोएडा वैश्विक व्यापार और निवेश गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इंडिया एक्सपो मार्ट और UPITS ने उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और उत्पादकों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है.

भविष्य में हॉल संख्या 4 और 6 के नवीनीकरण तथा हॉल संख्या 18 के विकास जैसी योजनाओं के साथ इंडिया एक्सपो मार्ट अपने ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

ये भी पढ़ें- UPITS 2026 में ₹6,500 करोड़ के 4,400 एमओयू, ₹15,500 करोड़ के कारोबार का अनुमान

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