राष्ट्रीयविदेश

फ्रांस में बड़ा साइबर अटैक, 480 से ज्यादा सुपरमार्केट के फ्रिज-फ्रीजर हुए प्रभावित, खराब हुआ खाना, कई जगह लगी आग

France Cyber Attack : फ्रांस में बड़े साइबर हमले के बाद 480 से अधिक सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम प्रभावित होने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकिंग के कारण कई फ्रिज और फ्रीजर डीफ्रॉस्टिंग मोड में चले गए, जिससे खाद्य सामान खराब हुआ और कुछ दुकानों में आग लगने की भी सूचना है। फ्रांसीसी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।

France Cyber Attack : फ्रांस में 11 और 12 अक्टूबर की रात कई सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाकर साइबर हमला किया गया। इस घटना में फ्रिज और फ्रीजर का तापमान असामान्य रूप से बढ़कर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की खबर है। इससे बड़ी मात्रा में ताजा और फ्रोजन खाद्य सामग्री खराब हो गई, जबकि कुछ दुकानों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। रॉयटर्स और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से देशभर में कई सौ स्टोर प्रभावित हुए हैं।

हैकर्स ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाला

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने सुपरमार्केट्स में लगे रेफ्रिजरेशन कंट्रोल सिस्टम की सेटिंग बदल दी। इसके बाद कई फ्रिज और फ्रीजर लगातार डीफ्रॉस्टिंग मोड में चलने लगे। सामान्य तौर पर इस प्रक्रिया का इस्तेमाल उपकरणों में जमी बर्फ को पिघलाने के लिए किया जाता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा होने से ठंडक बनाए रखने की व्यवस्था प्रभावित हुई। नतीजतन, कई दुकानों में खाद्य सामग्री खराब हो गई और कुछ उपकरणों को नुकसान पहुंचा।

फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी कर रही जांच

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ANSSI को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पेरिस अभियोजन कार्यालय ने भी इसे बड़े पैमाने पर हुआ साइबर हमला बताया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावरों ने सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई और क्या दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं।

Danfoss के पुराने सॉफ्टवेयर पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में डेनमार्क की कंपनी Danfoss के रेफ्रिजरेशन कंट्रोल सिस्टम से जुड़े सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का मामला सामने आया है। कंपनी ने कहा है कि फ्रांस में प्रभावित कुछ सिस्टम पुराने फर्मवेयर पर चल रहे थे। कंपनी पहले भी ग्राहकों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने और पुराने उपकरणों को बदलने की सलाह देती रही है। हालांकि, जांच में इन कमजोरियों और मौजूदा हमले के बीच संबंध की पूरी पुष्टि होना बाकी है।

इंटरनेट से जुड़े कंट्रोल पैनल बने जोखिम की वजह

सुपरमार्केट्स में एक केंद्रीय कंट्रोल पैनल के जरिए कई फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग नियंत्रित की जाती है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण तकनीकी कर्मचारी दूर से भी इनके तापमान और दूसरी सेटिंग में बदलाव कर सकते हैं। लेकिन यदि कोई हमलावर सिस्टम की सुरक्षा में मौजूद कमजोरी का फायदा उठाकर इसमें प्रवेश कर जाए, तो वह ठंडक की व्यवस्था को बाधित कर सकता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने पुराने सॉफ्टवेयर और इंटरनेट से सीधे जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

Claroty की रिपोर्ट में पहले भी बताई गई थीं कमजोरियां

साइबर सुरक्षा कंपनी Claroty ने 2025 में Danfoss के कुछ कंट्रोल सिस्टम में सुरक्षा संबंधी कमजोरियों पर रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि कुछ खामियों के जरिए हमलावर पहचान सत्यापन से जुड़ी सुरक्षा को दरकिनार कर सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौजूदा हमले में उन्हीं कमजोरियों का इस्तेमाल हुआ था।

रिटेल कंपनियों को करोड़ों यूरो के नुकसान की आशंका

फ्रांस के रिटेल क्षेत्र के संगठन FCD ने Danfoss से घटना के बारे में पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। इंटरमार्शे के प्रमुख थिएरी कोटियार ने अनुमान जताया है कि इस घटना से देशभर के कारोबार को एक दिन में कई करोड़ यूरो का नुकसान हो सकता है। प्रभावित दुकानों को खराब हो चुके ताजा और फ्रोजन उत्पाद हटाने पड़े हैं। वहीं, Coopérative U के प्रमुख डोमिनिक शेल्शर ने खाद्य आपूर्ति से जुड़े जरूरी उपकरणों को निशाना बनाए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। फिलहाल पूरे रिटेल क्षेत्र को हुए नुकसान का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है।

ये भी पढ़ें- दुनिया भारत पर करती है भरोसा, शून्य देने का भी नहीं मांगा श्रेय, 7.8% ग्रोथ और 700 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार- PM मोदी

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button