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‘विमुक्त जाति दिवस समारोह’ में शामिल हुए सीएम योगी, घुमन्तू जातियों से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं को किया सम्मानित

Denotified Communities Day : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विमुक्त जाति दिवस समारोह’ में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार प्रत्येक विमुक्त व घुमन्तू जाति के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है. जनजाति समुदाय के लोगों ने अलग-अलग कालखण्डों में देश पर होने वाले हमलों का प्रतिरोध करने के लिए योद्धा के रूप में काम कर अपने पराक्रम का लोहा मनवाया. परिस्थितिवश पलायन करने से घर-बार जब्त या नष्ट हो जाने के परिणामस्वरूप यह जनजातीय समुदाय घुमन्तू बन गए.

वर्षों तक प्रताड़ित हुईं है यह जनजातियां

मुख्यमंत्री आज यहां विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के कल्याणा के लिए आयोजित ‘विमुक्त जाति दिवस समारोह’ में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे. इस अवसर पर उन्होंने विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया. इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के कल्याण पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया. कार्यक्रम में विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के कल्याण पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई.

सीएम योगी ने कहा कि सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर के पश्चात जब ब्रिटिश गवर्नमेंट को महसूस हुआ कि यह जनजातियां उन्हें लंबे समय तक भारत पर शासन नहीं करने देंगी, तो उन्होंने क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 बनाकर इन जनजातियों को प्रताड़ित किया. क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 की मंशा जनजातीय समुदाय को जन्म से अपराधी घोषित करने की थी. वर्ष 1947 में देश के स्वतंत्र होने के बावजूद वर्ष 1952 तक यह जनजातियां क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 से प्रताड़ित होती रहीं. 31 अगस्त, 1952 को बाबा साहब डॉ भीमराव आम्बेडकर के प्रयासों से इन जनजातियों को इस एक्ट से मुक्ति प्राप्त हुई. क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से मुक्त होने के पश्चात इन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ.

सरकार कर रही उत्तम शिक्षा व्यवस्था का इंतजाम

विमुक्त व घुमन्तू जाति की उत्तम शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 09 जनपदों में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं. इनमें रामपुर, फर्रुखाबाद, सारनाथ व चन्दापुर (वाराणसी), लखनऊ, गोरखपुर, गोण्डा, दु्ध्धी (सोनभद्र) तथा हसनपुर (सुल्तानपुर) स्थित विद्यालय सम्मिलित हैं. इसके अलावा ईश्वर शरण आश्रम पद्धति विद्यालय, प्रयागराज तथा प्रगति आश्रम हाईस्कूल बालागंज, लखनऊ अनुदान पर संचालित हैं. विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 101 आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं. इन सभी विद्यालयों में विमुक्त जातियों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है. प्रदेश सरकार द्वारा इन आवासीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए भोजन, स्कूल ड्रेस, पुस्तकों आदि की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है.

इस दौरान सीएम योगी ने बताया कि स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से जनपद प्रतापगढ़ में 02 तथा जनपद लखीमपुर खीरी में 01 छात्रावास संचालित है. 264 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में भी विमुक्त जाति के छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है. विमुक्त जातियों की आजीविका हेतु जनपद कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी तथा मुरादाबाद में एक ही स्थान पर निवास हेतु भूमि, कृषि योग्य भूमि का पट्टों पर आवंटन तथा विद्यालयों की स्थापना राजकीय उन्नयन बस्ती के नाम से की गई है.

18 अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों तथा कोरोना कालखंड में अपने अभिभावकों को खोने वाले बच्चों के लिए अत्याधुनिक अवसरचना सुविधाओं से युक्त 18 अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया गया है. इन विद्यालयों में अब तक 18 हजार ऐसे बच्चों ने प्रवेश प्राप्त कर स्वयं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा से जोड़ा है.

वनटांगिया व वंचित जनजातियों को आवास और रोजगार सुविधाएं

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वनटांगिया ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा तथा इस समुदाय को मत देने का अधिकार दिया गया. वर्ष 2017 से पूर्व किसी भी वनटांगिया परिवार का पक्का मकान नहीं था. आज वनटांगिया समुदाय के परिवारों के लिए पक्के मकान, बच्चों के लिए स्कूल, आंगनवाड़ी केन्द्र, अस्पताल आदि का निर्माण किया जा चुका है. उन्हें शासन की प्रत्येक योजना से लाभान्वित किया जा रहा है. पहले मुसहर, कोल, थारू, गोंड, चेरो आदि समुदायों के लोग शासन की योजनाओं से वंचित थे, आज उन्हें सभी प्रकार की सुविधाओं से संतृप्त किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नट, बंजारा, बावरिया, शासी, कंजर, कालबेलिया, सपेरा, जोगी आदि वंचित जनजातियों को जमीन के पट्टे, आवास आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए घुमन्तु जनजाति बोर्ड का निर्माण करने की आवश्यकता है. इन्हें सरकारी नौकरियों तथा शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए.

प्रजापति व निषाद समुदाय के विकास के लिए सरकार की पहल

सीएम ने बताया की प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रजापति समुदाय के लोगों को अप्रैल से जून माह तक तालाब से निःशुल्क मिट्टी निकालने की सुविधा दी गई है. उन्हें सोलर और इलेक्ट्रिक चाक प्रदान कर मिट्टी के बर्तनों के निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है. परिणामस्वरूप प्रजापति समुदाय अच्छी आमदनी कमा रहा है. प्रदेश सरकार निषादों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्हें स्थानीय पट्टा उपलब्ध कराने, आवासीय योजना से जोड़ने तथा नौका प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है. प्रदेश सरकार ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर जनपद बहराइच में भव्य स्मारक का निर्माण कराया है. जनपद आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया है.

बिना भेदभाव सुविधाएं और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक नागरिक को सभी प्रकार की सुविधाओं का लाभ बिना भेदभाव प्रदान किया जाता है. बेटी के जन्म से लेकर स्नातक की शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार 25 हजार रुपये का पैकेज प्रदान करती है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बेटियों के विवाह हेतु 01 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है. हाल ही में सम्पन्न उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में घुमन्तू जातियों से जुड़े युवक व युवतियां चयनित हुए हैं.

इस दौरान मत्स्य मंत्री संजय निषाद, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप तथा समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल. वेंकटेश्वर लू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

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