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पालम अग्निकांड में अपनी बदनामी छुपाने के लिए भाजपा सरकार ने लोगों की जान नहीं बचाई- सौरभ भारद्वाज

Palam Fire Incident : आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को पालम अग्निकांड मामले में नए खुलासे कर भाजपा सरकार की नाकामी की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि पालम अग्निकांड में अपनी बदनामी छुपाने के लिए भाजपा सरकार ने लोगों की जान नहीं बचाई।

क्योंकि फायर बिग्रेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट के खराब होने के बाद भी स्थानीय लोगों ने आग में फंसे परिवार को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन सरकारी सिस्टम ने उन्हें बचाने नहीं दिया। जब हाइड्रोलिक लिफ्ट काम नहीं की तो लोगों ने जमीन पर गद्दे बिछाने के लिए फायर बिग्रेड की गाड़ी को हटाने को कहा, लेकिन गाड़ी नहीं हटाई है। सरकार को लगा कि अगर गद्दे बिछाने से लोग बचे गए तो उसकी बदनामी होगी कि उसकी फायर बिग्रेड नाकाम रही। इसलिए परिवार के 9 लोगों मरने दिया गया।

दिल्ली की जनता जान चुकी है असलियत

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा नेताओं के गलत बयानबाजी पर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जनकपुरी में गड्डे में गिर मारे गए कमल ध्यानी की तरह ही अब भाजपा और उसकी सरकार पालम अग्निकांड में मरे लोगों पर ही सारा दोष डालना चाहती है। ताकि सरकार की सारी नाकामी छिप जाए, लेकिन दिल्ली की जनता असलियत जान चुकी है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को आयोजित शोकसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसलिए हंगामा किया, क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि आम आदमी पार्टी के नेता इन 9 मौतों के कारणों पर चर्चा कोई चर्चा करे। अब हमने अपने लिए अर्थी खरीद ली है और सिर पर कफन भी बांध लिया है, अब हम भाजपा के गुंडों से डरने वाले नहीं हैं।

फंसे लोग कूदकर बचा सकते थे जान

शुक्रवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पालम अग्निकांड के दौरान जिस मकान में आग लगी थी, उसके बिल्कुल बगल में गद्दों की दुकान है, जिसमें सैकड़ों गद्दे रखे हुए थे। वहां के करीब 500 स्थानीय लोग और दुकानदार पुलिस व फायर ब्रिगेड से विनती कर रहे थे कि वे अपनी खराब गाड़ी को वहां से हटाएं और हमें गद्दे बिछाने दें। अगर गद्दे बिछ जाते, तो ऊपर फंसे लोग कूदकर अपनी जान बचा सकते थे, क्योंकि तीसरी मंजिल की बालकनी ज्यादा ऊंची नहीं होती। वह मात्र 30 से 32 फुट की ऊंचाई पर होती है।

बदनामी से बचने के लिए लोगों को मरने दिया

सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अगर पहली गाड़ी तारों की वजह से नहीं खुल पा रही थी, तो फिर दूसरी गाड़ी कैसे खुल गई, क्योंकि तार तो वहीं मौजूद थे? सरकार सिर्फ अपनी जान बचाना चाहती थी, उन 9 लोगों की जान नहीं बचाना चाहती थी। अगर सरकार सच में उनकी जान बचाना चाहती, तो लोगों को गद्दे बिछाने दिए जाते। लेकिन इससे सरकार की पोल खुल जाती कि उनकी फायर ब्रिगेड काम नहीं करती है। सरकार को लगा कि अगर लोग बच भी गए, तो उनकी बदनामी हो जाएगी। इसलिए अपनी बदनामी से बचने के लिए उन्होंने 9 लोगों को मरने दिया।

मां-बेटी के दोनों शव चिपक कर जले

सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि देश को देखना चाहिए कि इस अग्निकांड में आखिर किन बेकसूर लोगों की जान गई है। वीडियो में नौ लोगों की नौ चिताएं जलती हुई दिखनी चाहिए थीं, लेकिन वहां सिर्फ आठ ही चिताएं हैं। आठ चिताएं इसलिए हैं क्योंकि 70 साल की एक बुजुर्ग मां अपनी जवान बेटी को बचाने के लिए उसे गले से लगाए रही, ताकि बेटी बच जाए भले ही मां जल जाए। आग में उनकी लाशें आपस में इस कदर चिपक गईं कि मरने के बाद भी अलग नहीं हो सकीं। इसीलिए आठ चिताओं में नौ लोगों के शव जलाए गए, क्योंकि एक चिता पर मां-बेटी के दोनों शव एक साथ चिपक कर जले थे। यह सब सरकार की लापरवाही ने लोगों के साथ किया है और यह कल को किसी के साथ भी हो सकता है। कफन में लिपटी हुई वे लाशें किसी के भी घर की हो सकती थीं।

अग्निकांड में भाजपा सरकार की पहली जिम्मेदारी

सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि जब जनकपुरी में कमल ध्यानी गड्ढे में गिर गया था, तो भाजपा मंत्री ने सुबह-सुबह पहुंचकर सबसे पहले यही कहा था कि सब जगह बैरिकेडिंग थी और विभाग की कोई गलती नहीं थी। मानो वह हवा से कूदकर गड्ढे में गिरकर मर गया हो। इस अग्निकांड में भी भाजपा सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों की जान बचाने की थी, लेकिन सरकार केवल खुद को बचाने में लगी हुई है।

भाजपा के लोग थोड़ी शर्म करें

सरकार यह झूठ हर जगह फैला रही है कि उनके विभागों और पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया तथा फायर ब्रिगेड की सारी गाड़ियां ठीक थीं। भाजपा के लोग थोड़ी शर्म करें, जो गुरुवार से “आप” नेताओं को एक्स, व्हाट्सएप और फेसबुक पर गालियां दे रहे हैं। वे सोचें कि वे कहां से कहां आ गए हैं। एक परिवार के नौ लोग आग में जलकर मर गए और वे लोग उनकी मौत पर यह कहकर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं कि सब कुछ ठीक था?

कैसे हो सकता था ट्रैफिक जाम

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार में बैठे लोग यह बहाना बना रहे हैं कि सड़क तंग थी, जबकि वहां मौजूद सभी लोगों ने देखा है कि वह 30 फुट चौड़ी सड़क है, तो वह तंग कैसे हो सकती है? स्थानीय भाजपा विधायक कह रहे हैं कि वहां ट्रैफिक जाम था, जबकि सुबह 7 बजे तो दुकानें भी नहीं खुली थीं, तो वहां ट्रैफिक जाम कैसे हो सकता था? मैंने खुद देखा कि जो भी व्यक्ति वीडियो बना रहा था, उसे पुलिस वहां से खदेड़ रही थी।

कोशिश की गई सच्चाई बाहर न आए

ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि कोई वीडियो न बना सके, कोई सबूत इकट्ठा न कर सके और कोई सरकार से सवाल ही न पूछ सके। इस वक्त भी पूरी सेंसरशिप लगाकर यह कोशिश की गई कि सच्चाई बाहर न आए। जब किसी बड़े वीआईपी नेता की 80 साल की उम्र में मौत होती है और उसकी चिता जलती है, तो उसे महान नेता बताकर दिखाया जाता है, लेकिन इन बेकसूर लोगों की चिताएं कहीं भी नहीं दिखाई गईं।

मासूम की मौत पर भी राजनीति

सौरभ भारद्वाज ने मीडिया को एक और वीडियो दिखाई। वीडियो में दिख रहे एक कफन की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह एक 6 साल की छोटी बच्ची का कफन था जिसे घरवाले अपने हाथों में लेकर आए थे। भाजपा के गंदे और जलील लोगों की आत्मा पूरी तरह मर चुकी है। जो 3 साल की बच्ची मर गई और जिसे गोद में उठाकर लाया गया था, ये गंदे लोग उस मासूम की मौत पर भी राजनीति कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे खुद ही मर गए।

फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर गिरकर मौत

सौरभ भारद्वाज ने मृतकों के नाम गिनाते हुए बताया कि इस हादसे में 39 साल के कमल की मौत हो गई। 33 साल का प्रवेश, जिसके नाम पर दुकान थी, जान बचाने के लिए ऊपर से कूदा था। नीचे गद्दे न बिछाए जाने के कारण वह सीधे फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर गिरा, उसका सिर खुल गया और वह वहीं मर गया। लेकिन यह बात भी छिपाई गई। इनके अलावा कमल की 35 साल की पत्नी आशु, 28 साल की दीपिका और तीन बेटियां, 15 साल की निहारिका, 6 साल की इवानी और 3 साल की जेसिका भी आग में जलकर मर गईं।

पूरे मामले पर शर्मनाक बयानबाजी

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि यह सोचने वाली बात है कि हमारे देश के राजनेता कितने घिनौने और घटिया हो चुके हैं कि इस दर्दनाक घटना पर भी ऐसी ओछी राजनीति कर रहे हैं। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का क्या किया जाए या उसे कौन सी गाली देकर कोसा जाए कि यह बात उनकी मरी हुई आत्मा तक पहुंचे? दिल्ली भाजपा अध्यक्ष और उनकी सरकार इस पूरे मामले पर शर्मनाक बयानबाजी कर रही थी।

फायर ब्रिगेड के आने से पहले मर चुके थे लोग

सौरभ भारद्वाज ने वीरेंद्र सचदेवा को इतना भी नीचे नहीं गिरना चाहिए। उनके खुद के घर में भी बच्चे हैं, इसलिए उन्हें थोड़ी तो शर्म करनी चाहिए। सुबह 7ः20 पर भाजपा सरकार की फायर ब्रिगेड मौके पर आ गई थी और वे दावा कर रहे हैं कि फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही लोग मर चुके थे। जबकि वीडियो में लोग ऊपर बालकनी के अंदर दिख रहे थे, वे चिल्ला रहे थे, लेकिन नीचे फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ी खुल ही नहीं रही थी।

दुकान में कॉस्मेटिक या होजरी का सामान

सौरभ भारद्वाज ने वीरेंद्र सचदेवा के ज्वलनशील पदार्थों की स्टोरेज वाले बयान का खंडन कर कहा कि वह कॉस्मेटिक और होजरी की दुकान थी। ज्वलनशील पदार्थ से दिल्ली भाजपा अध्यक्ष के क्या यह मायने हैं कि वहां कोई पेट्रोल या बम रखे हुए थे? आखिर वहां ऐसा कौन सा ज्वलनशील पदार्थ था और किस दुकान में कॉस्मेटिक या होजरी का सामान नहीं होता? वीरेंद्र सचदेवा का पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर है कि जो लोग मरे हैं और जिनके घर उजड़े हैं, सारा दोष उन्हीं पर डाल दिया जाए।

मीडिया वाले न बना सकें वीडियो

सौरभ भारद्वाज ने आगे भाजपा विधायक कुलदीप सोलंकी का वीडियो दिखाते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तो भाजपा वालों ने जमकर गुंडागर्दी की। यह गुंडागर्दी सिर्फ “आप” नेताओं के साथ ही नहीं, बल्कि मीडिया वालों के साथ भी की गई। भाजपा के लोगों की पूरी कोशिश यह थी कि मीडिया वाले वहां वीडियो न बना सकें ताकि किसी को पता न चले कि वहां क्या हो रहा है और क्या छिपाने की कोशिश की जा रही है?

नौ लोगों की मौत क्यों हुई दर्दनाक

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि गुरुवार को पूरी कोशिश की गई कि आम आदमी पार्टी के लोग वहां शोक सभा में न बैठ सकें। भाजपा की मंशा थी कि वहां इस बात पर चर्चा ही न हो कि नौ लोगों की दर्दनाक मौत क्यों हुई? भाजपा का रवैया है कि नौ लोग मर गए तो मर गए, बात खत्म, अब अगली बात करो। “आप” नेताओं को भगाने, डराने और हमारे साथ मारपीट करने के सारे हथकंडे अपनाए गए।

खुल्लम-खुल्ला की गई गुंडागर्दी

हम पर लोहे की कुर्सियां फेंककर मारी गईं, जिससे पूर्व विधायक विनय मिश्रा के सिर पर चोट लगी। हमारे पास इसके वीडियो मौजूद हैं कि कैसे पुलिस वालों ने महिला पार्षदों की छाती पर हाथ मारा और महिला कार्यकर्ताओं, पूर्व पार्षद व विधानसभा अध्यक्ष को कोहनियां मारीं। यह पूरी गुंडागर्दी वहां मौजूद एसएचओ सुधीर कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा खुल्लम-खुल्ला की गई। हमारे पास इस घटना के सारे साक्ष्य और वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें हम एक-एक करके सार्वजनिक कर रहे हैं।

मीडिया को अर्थी दिखाते हुए कहा…

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा और उनकी दिल्ली पुलिस को लगता है कि वे डरा-धमका कर हमें चुप करा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। उन्होंने मीडिया को एक अर्थी दिखाते हुए कहा कि मैंने अपने लिए यह अर्थी आज ही मंगाकर पार्टी ऑफिस में रख ली है। अब हम किसी से डरने वाले नहीं हैं और भाजपाइयों के बाप से भी नहीं डरते। यदि भाजपा नेताओं को लगता है कि वे पुलिस और खाकी वर्दी वालों के पीछे छिपकर तथा गुंडागर्दी करके मर्द बन जाएंगे, तो ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

न लें, यह गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी

नरेंद्र मोदी और अमित शाह सुन लें, यह गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी। वहां पुलिस लगातार हमें भागने के लिए कह रही थी और चोर-उचक्कों की तरह खींचते हुए बाहर निकालना चाह रही थी। सब लोगों ने वीडियो में देखा है कि पुलिस ने एक न्यूज एजेंसी के कैमरे वाले तक को खींचा, जिसका वीडियो हमारे पास मौजूद है और हमने इसे एक्स पर लाइव भी किया है।

भाजपा की गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि उस बच्ची का कफन मेरे दिमाग में बार-बार घूम रहा है। उसी को देखकर हमने भी एक कफन खरीदा है और उसे यहां अपने पास रख लिया है। अब हम भाजपा की इन गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं। गुरुवार को जिस तरह से आम आदमी पार्टी के जुझारू कार्यकर्ता, संगठन के लोग, महिला पार्षद, पूर्व पार्षद, विधायक और पूर्व विधायक वहां डटकर खड़े रहे और बैठे रहे, वह काबिले तारीफ था। हम सबका यही मानना था कि हमारा नेता केजरीवाल अपने ही कार्यकर्ता के घर आ रहा है। हमारे कार्यकर्ता के घर में नौ लोग मरे हैं और अरविंद केजरीवाल अपने ही कार्यकर्ता के पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे थे।

आम आदमी पार्टी घुटने नहीं टेकेगी

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को यह बताना चाहता हूं कि हमने यह अर्थी खरीद रखी है और इसे अपने ऑफिस में रखवा दिया है। मैं मरने के लिए पूरी तरह तैयार हूं, मगर यह पार्टी उनके आगे कभी नहीं झुकेगी। भाजपाई जितनी चाहे गुंडागर्दी कर लें और जो चाहे कर लें, लेकिन यह आम आदमी पार्टी है और यह उनके आगे घुटने नहीं टेकेगी। इस सारी गुंडागर्दी के बावजूद अरविंद केजरीवाल एक शेर की तरह वहां आए और बैठे। वहां उनके साथ बदतमीजी की गई और हमला करने की कोशिश भी हुई, जिसके वीडियो भी मौजूद हैं, मगर फिर भी वे अपने कार्यकर्ता की शोक सभा में गए। हम लोग भाजपा से डरने वाले नहीं हैं।

जनता की आवाज और हर मुद्दा उठाएंगे

सौरभ भारद्वाज ने मीडिया के सामने अपने सिर पर कफन बांधते हुए कहा कि कहा जाता है कि लोग कफन सिर पर बांध लेते हैं, तो अब मैंने भी यह कफन अपने सिर पर बांध लिया है। हम भाजपा के इन टपोरियों से डरने वाले नहीं हैं। भाजपाइयों को गोली मारनी है तो गोली मार दें, चाकू मारना है तो चाकू मार दें या जो कराना है करा लें, लेकिन हम उनसे बिल्कुल नहीं डरेंगे। हम लगातार जनता की आवाज उठाते रहेंगे और हर मुद्दा उठाएंगे। चाहे वह कमल ध्यानी का मुद्दा हो, उत्तम नगर का हो, जनकपुरी का हो या फिर पालम का मुद्दा हो। आम आदमी पार्टी जनता का हर मुद्दा उठाएगी और भाजपा के लोगों से नहीं डरेगी।

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